Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही लगभग थम गई है। पिछले 24 घंटों में यहाँ से सिर्फ 5 से 6 जहाज ही गुजर पाए हैं। पहले यहाँ रोजाना 60 से 140 जहाज जाते थे, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग ने सब बदल दिया है। दोनों देशों ने रास्ता रोकने के लिए अपनी-अपनी पाबंदियां लगा रखी हैं, जिससे समुद्री व्यापार ठप हो गया है।

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रास्ता क्यों बंद हुआ और क्या हैं नए नियम?

ईरान ने 28 फरवरी 2026 से इस रास्ते को काफी हद तक बंद कर दिया है। IRGC ने समुद्र में माइन बिछा दिए हैं और जहाजों को चेतावनी दी है। ईरान ने आदेश दिया है कि अब जहाज केवल उनके द्वारा बताए गए नए रास्तों से ही जाएं। दूसरी तरफ, अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया है कि जो भी नाव माइन बिछाती पाई जाएगी, उसे तुरंत मार गिराया जाए।

हाल ही में कौन से जहाज गुजरे और क्या हुए हमले?

पिछले एक दिन में Niki, Serrano, Marine Flux, ASL Glory, Jin Zeng 5 और Kiyonami Maru जैसे कुछ ही जहाज यहाँ देखे गए। ईरान ने अब अपनी रणनीति बदल ली है और मिसाइल की जगह ‘फास्ट बोट’ का इस्तेमाल कर जहाजों को पकड़ रहा है। इसी हफ्ते ईरान ने दो कंटेनर जहाजों को कब्जे में लिया और तीन अन्य पर हमला किया। अमेरिका ने भी M/T Majestic X जहाज को रोककर उसकी जांच की है।

दुनिया और तेल बाजार पर क्या होगा असर?

BIMCO के जैकब लार्सन का कहना है कि जब तक पक्का शांति समझौता नहीं होता, शिपिंग कंपनियां यहाँ आने से डरेंगी। पेंटागन का अनुमान है कि समुद्र से माइन हटाने में करीब 6 महीने का समय लग सकता है। इस वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतों और एनर्जी मार्केट पर बहुत बुरा असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल पाकिस्तान शांति बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका की नाकाबंदी की वजह से बात नहीं बन पा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.