हर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का आवागमन अचानक काफी कम हो गया है। 31 जुलाई 2026 को मिली रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में 77 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई और केवल पांच जहाज ही वहां से निकल पाए। समुद्री डेटा कंपनी Kpler ने बताया कि इन जहाजों ने ईरान के उस तरीके का इस्तेमाल किया जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली है।
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ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी
ईरान के IRGC ने चेतावनी दी थी कि जब तक अमेरिका का दखल और धमकियां जारी रहेंगी, तब तक यह रास्ता बंद रहेगा। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग CENTCOM ने इस दावे को सिरे से खारिज किया। उनका कहना है कि यह रास्ता कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है और ईरान का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव Chris Wright ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना अभी भी तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रही है, और पिछले एक हफ्ते में करीब 6.5 मिलियन बैरल तेल गल्फ से बाहर निकला है।
बाबल-मंदेब में स्थिति सामान्य
दूसरी ओर, Bab al-Mandeb जलडमरूमध्य में स्थिति अब भी स्थिर बनी हुई है। 31 जुलाई को वहां से 47 जहाज सुरक्षित गुजरे, जिनमें कुछ गुप्त रास्तों से जाने वाले जहाज भी शामिल थे। यमन के हूतियों की धमकी के बाद, Saudi Arabia ने 14 देशों के साथ मिलकर एक Maritime Defense Alliance बनाने का ऐलान किया है। इसका मुख्य मकसद लाल सागर और गल्फ ऑफ अदन में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि युद्ध जैसी स्थितियों के कारण हर्मुज में समुद्री ट्रैफिक अपने पुराने स्तर से 95 प्रतिशत तक गिर चुका है।
