डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने अमेरिकी सेना को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक गुप्त मिशन चलाने का आदेश दिया था। इस मिशन का मकसद तेल के टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना था। ट्रंप के मुताबिक, इस गुप्त कार्रवाई की वजह से 100 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल और 200 से अधिक जहाज सुरक्षित तरीके से खुले बाजार में पहुंच सके हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।

ℹ: Strait of Hormuz में बढ़ा भयंकर तनाव, ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर दागे मिसाइल और ड्रोन, अमेरिका का बड़ा पलटवार

ट्रंप का दावा और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का समर्थन

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण है, न कि ईरान का। ट्रंप ने 10 जून 2026 को कहा कि अमेरिकी सेना के इस कदम से तेल की सप्लाई बिना किसी बाधा के जारी रही। इस दावे का समर्थन करते हुए अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth और ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने भी बयान जारी किया। ऊर्जा मंत्री ने पुष्टि की कि अमेरिकी सैन्य मदद के कारण ही तेल की शिपमेंट में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पहले वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा देने की बात से इनकार किया था।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव

यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच चल रही ताजा सैन्य तनातनी के बीच सामने आया है। दरअसल, 8 जून 2026 को ईरान के एक ड्रोन ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। इसके जवाब में अमेरिका ने 9 और 10 जून को ईरान पर जवाबी हवाई हमले किए। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान को कड़ा जवाब देगा। दूसरी तरफ, ईरान के सैन्य प्रवक्ता Abolfazl Shekarchi ने भी बयान जारी कर कहा है कि वे किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका का गुप्त मिशन क्या था?

डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, पिछले महीने अमेरिकी सेना ने तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त मिशन चलाया था, जिससे 100 मिलियन बैरल तेल और 200 जहाज सुरक्षित निकल सके।

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच क्या सैन्य घटना हुई है?

8 जून 2026 को ईरान के ड्रोन ने एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था, जिसके बाद अमेरिका ने 9 और 10 जून को ईरान पर जवाबी सैन्य हमले किए।