Strait of Hormuz: ओमान और ईरान के साथ समझौते के करीब अमेरिका, ट्रंप ने दी ईरान को कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ओमान और ईरान के साथ चल रही बातचीत के बाद Strait of Hormuz को बहुत जल्द सभी के लिए खोल दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान इस समझौते तक पहुँचने में विफल रहता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है और अमेरिका उसे कड़ी टक्कर देगा। इस क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समझौते की रूपरेखा और मध्यस्थता
रिपोर्ट्स के अनुसार, United States, Iran और Oman एक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब पहुँच गए हैं। इस प्रक्रिया में Omani Foreign Minister Badr al-Busaidi एक मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इस समझौते की उम्मीद 5 अगस्त 2026 तक जताई गई है। अमेरिकी पक्ष से विदेश मंत्री Marco Rubio और ट्रेजरी सचिव Scott Bessent सक्रिय रूप से इस चर्चा में शामिल हैं, जबकि ईरानी पक्ष से राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi बातचीत का हिस्सा हैं।
क्या है समझौते का मुख्य हिस्सा
प्रस्तावित समझौते को कम से कम 60 दिनों के लिए लागू करने की योजना है। इस व्यवस्था के तहत Iran और Oman संयुक्त रूप से जलडमरूमध्य का प्रशासन संभालेंगे। योजना यह है कि जहाजों को फारस की खाड़ी में प्रवेश करने के लिए ईरान द्वारा नियंत्रित मार्ग का उपयोग करना होगा, जबकि बाहर निकलने के लिए ओमान द्वारा नियंत्रित मार्ग का उपयोग किया जाएगा। सुरक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा बनाए रखने के लिए जहाजों से सर्विस फीस भी ली जाएगी।
वर्तमान स्थिति और ईरान का रुख
US Central Command (CENTCOM) ने मंगलवार को पुष्टि की कि जलडमरूमध्य का दक्षिणी मार्ग सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए स्वतंत्र और खुला है। हालांकि, इसी दिन ईरान द्वारा अधिकांश यातायात रोकने और एक अज्ञात मालवाहक जहाज के हमले की चपेट में आने की खबरें भी सामने आईं। दूसरी ओर, ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaee ने ट्रंप की टिप्पणियों को खारिज कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान केवल उन्हीं मार्गों की अनुमति देगा जिन्हें वह खुद निर्धारित करेगा और किसी भी अनधिकृत अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिकी दावों का खंडन करते हुए कहा है कि उनकी बातचीत केवल ओमान के साथ ट्रांजिट अधिकारों पर केंद्रित है, न कि सीधे तौर पर अमेरिका के साथ।
यह घटनाक्रम खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासियों और भारतीय समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस मार्ग के खुलने से व्यापार और तेल की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता प्रभावित होती है।