यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री Reem Al Hashimy ने कहा है कि Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को किसी भी देश द्वारा बंधक बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने इस संदेश को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बताया है क्योंकि यह रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट में से एक है। Strait of Hormuz से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति होती है, और इसमें किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। यूएई लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समुद्री रास्तों की सुरक्षा की वकालत कर रहा है।

इस तनाव से आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?

Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग गतिविधियों में कमी आई है और वैश्विक ऊर्जा जोखिम बढ़ गए हैं। एशियाई देशों में पहले से ही ईंधन की कमी और राशनिंग जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बाधित रहता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। भारत और अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि इसका सीधा असर महंगाई और परिवहन लागत पर पड़ता है। यूएई ने स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

हालिया घटनाक्रम और आधिकारिक जानकारी

तारीख मुख्य अपडेट
27 मार्च 2026 इजरायली सेना ने तेहरान में हमले किए और अमेरिका ने Strait of Hormuz खोलने की समय सीमा 6 अप्रैल तक बढ़ाई।
26 मार्च 2026 Reem Al Hashimy ने इसे मानवीय संकट बताया और अंतरराष्ट्रीय शासन की मांग की।
26 मार्च 2026 ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने के लिए विधेयक का मसौदा तैयार किया।
25 मार्च 2026 ईरान ने कहा कि वह भारत, रूस और चीन जैसे मित्र देशों के जहाजों को अनुमति देगा लेकिन विरोधियों पर प्रतिबंध लगाएगा।
23 मार्च 2026 यूएई और बहरीन सहित 20 देशों ने शिपिंग की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने की घोषणा की।

यूएई ने पश्चिमी सहयोगियों को सूचित किया है कि वह समुद्री सुरक्षा और वैश्विक शिपिंग को ईरानी हमलों से बचाने के लिए एक बहुराष्ट्रीय समुद्री टास्क फोर्स में भाग लेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते के बंद होने से न केवल ऊर्जा बाजार बल्कि मानवीय सहायता की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि केवल गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों को ही ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करके गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और दुनिया भर की नजरें अगले कदमों पर टिकी हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.