Kuwait के Ambassador Tareq Al-Banai ने बताया है कि Gulf देश मिलकर UN Security Council में एक नया प्रस्ताव पेश करेंगे। यह सब Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है। पहले एक प्रस्ताव लाया गया था लेकिन उसे रोक दिया गया था, इसलिए अब नए तरीके से कोशिश की जा रही है।

नया प्रस्ताव क्यों लाया जा रहा है और इसमें क्या होगा?

Gulf देशों का कहना है कि Strait of Hormuz में जहाजों के साथ होने वाली छेड़छाड़ और खतरों को रोकना जरूरी है। Ambassador Al-Banai ने कहा कि इस इलाके की सुरक्षा पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए जरूरी है। नए प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय कानून और UNCLOS के हिसाब से तैयार किया जाएगा ताकि ज्यादा देशों का समर्थन मिल सके और जहाजों का रास्ता सुरक्षित रहे।

रूस और चीन ने पहले क्यों रोका था और अब क्या चल रहा है?

7 अप्रैल को रूस और चीन ने पिछले प्रस्ताव को वीटो कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि इससे सैन्य टकराव बढ़ सकता है। अब रूस और चीन ने अपना खुद का एक प्रस्ताव पेश किया है जिसमें अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई पाबंदियों को हटाने और UN की निगरानी की बात कही गई है। इसी मुद्दे पर UN General Assembly में बहस भी हुई जहां दोनों देशों को अपना कारण बताना पड़ा।

विवरण जानकारी
घोषणा की तारीख 16 अप्रैल 2026
मुख्य अधिकारी Ambassador Tareq Al-Banai
शामिल Gulf देश Kuwait, Saudi Arabia, UAE, Qatar, Bahrain, Jordan
विवादित क्षेत्र Strait of Hormuz
विरोध करने वाले देश Russia और China
मुख्य लक्ष्य समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की आजादी
ईरान का रुख रास्ता बंद नहीं करेंगे लेकिन सुरक्षा का अधिकार रखेंगे
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com