दुनिया के तेल और व्यापार का सबसे अहम रास्ता यानी Strait of Hormuz अब बड़े खतरे में है। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक खास बैठक हुई, जिसमें दर्जनों देशों ने चेतावनी दी कि अगर यह रास्ता बंद रहा तो पूरी दुनिया में सामान की कमी हो जाएगी और ऊर्जा की सप्लाई रुक जाएगी। इस संकट को सुलझाने के लिए लाए गए एक प्रस्ताव को रूस और चीन ने वीटो कर दिया, जिससे मामला और उलझ गया है।
UN की मीटिंग में क्या हुआ और किन देशों ने रोका रास्ता?
सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को UN सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसका मकसद Strait of Hormuz को फिर से खोलना और जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना था। लेकिन रूस और चीन ने इस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया, जिससे यह पास नहीं हो सका। बैठक के दौरान कई अहम बातें सामने आईं:
- बहरीन का रुख: बहरीन के विदेश मंत्री Abdullatif Al Zayani ने साफ कहा कि ईरान को इस जलमार्ग को बंद करने का कोई हक नहीं है और दुनिया को इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
- UN की चेतावनी: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने बताया कि इस रुकावट की वजह से मानवीय संकट बढ़ रहा है, जिससे ईंधन की टंकियां और दुकानों की शेल्फ खाली हो रही हैं।
- नियमों की बात: UN इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के प्रमुख Arsenio Dominguez ने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर कोई फीस लगाने का कोई कानूनी आधार नहीं है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या है विवाद और शर्तें?
रास्ते को खोलने को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच कड़ी शर्तें चल रही हैं। दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े हुए हैं:
- ईरान की शर्त: ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका उसके ऊपर लगा नाकाबंदी (Blockade) हटा ले और युद्ध खत्म करे, तो वह रास्ता खोल देगा। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को ईरान ने बाद के लिए टालने को कहा है।
- अमेरिका की मांग: राष्ट्रपति Donald Trump की मुख्य मांग है कि Strait of Hormuz को तुरंत खोला जाए और ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम सौंप दे।
- रूस का साथ: रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने सेंट पीटर्सबर्ग में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की और क्षेत्रीय शांति के लिए समर्थन का वादा किया।
- फ्रांस की राय: फ्रांस के विदेश मंत्री Jean Noel Barrot ने कहा कि संकट खत्म करने के लिए ईरान को बड़े समझौते करने होंगे।
आम लोगों और व्यापार पर इसका क्या असर होगा?
Strait of Hormuz से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस ले जाता है। फिलहाल यहां जहाजों की आवाजाही सामान्य से बहुत कम है। ब्रिटेन के मंत्री Stephen Doughty ने जोर दिया कि बिना किसी टोल या सुरक्षा जोखिम के जहाजों का आना-जाना जारी रहना चाहिए। अगर यह विवाद लंबा खिंचता है, तो इसका सीधा असर ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों और सामान की सप्लाई चेन पर पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ सकती है।