संयुक्त राष्ट्र (UNCTAD) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने को लेकर एक डराने वाली रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस समुद्री रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में जीवन-यापन का संकट पैदा हो सकता है। यहाँ से दुनिया का करीब 40 प्रतिशत तेल और खाद का व्यापार होता है। 11 मार्च 2026 तक मिले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस रास्ते पर सैन्य तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग 97 प्रतिशत तक गिर गई है जिससे ईंधन और खाने का सामान महंगा होने की आशंका है।

व्यापार और सप्लाई पर पड़ने वाला असर

UNCTAD की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार हॉर्मुज के रास्ते होने वाले व्यापार में भारी गिरावट आई है। फरवरी के महीने में जहाँ रोज़ाना औसतन 129 जहाज यहाँ से गुज़रते थे वहीं 3 मार्च तक यह संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई है। तेल और खाद की सप्लाई रुकने से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

सामान का प्रकार कुल वैश्विक व्यापार का हिस्सा
कच्चा तेल (Crude Oil) 38%
समुद्री खाद (Fertilizer) 33%
LPG गैस 29%
LNG गैस 19%
रिफाइंड ऑयल 19%

कंपनियों और सुरक्षा को लेकर ताजा स्थिति

सुरक्षा कारणों से दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनियों जैसे Maersk, MSC, CMA CGM और Hapag-Lloyd ने इस रास्ते से अपने जहाजों को भेजना बंद कर दिया है। इंश्योरेंस कंपनियों ने भी इस क्षेत्र के लिए कवरेज देना बंद कर दिया है या उसे बहुत महंगा कर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने 16 ईरानी नावों को नष्ट करने की पुष्टि की है।

  • UN सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने बातचीत के ज़रिए मामला सुलझाने की अपील की है।
  • अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि उनकी नेवी व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए तैयार खड़ी है।
  • सूडान, श्रीलंका और सोमालिया जैसे देशों में खाद की कमी से खेती और खाने का संकट बढ़ गया है।
  • कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com