Strait of Hormuz में दो हफ्ते के सीजफायर के बाद अब समुद्री जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे शुरू हो गई है. MarineTraffic के डेटा के मुताबिक गुरुवार 9 अप्रैल को 6 जहाजों ने इस समुद्री रास्ते को पार किया. अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद यह पहली बड़ी हलचल देखी गई है. हालांकि सामान्य दिनों में यहाँ से रोजाना 60 से 140 जहाज गुजरते थे, जिसकी तुलना में अभी यह संख्या बहुत कम है.

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ईरान ने ट्रांजिट के लिए क्या नए नियम बनाए हैं?

  • ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इस रास्ते पर कड़ा नियंत्रण कर लिया है.
  • अब हर जहाज को ईरान की नौसेना से अनुमति लेना अनिवार्य होगा और नियमों का पालन न करने पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी गई है.
  • ईरान ने सुरक्षित रास्ता देने के बदले प्रति जहाज 10 से 20 लाख डॉलर का टोल टैक्स वसूलने का सुझाव दिया है.
  • यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी या चीनी युआन में लिया जा सकता है, जिसे लेकर अभी चर्चा चल रही है.
  • गैबॉन के झंडे वाला तेल टैंकर MSG सीजफायर के बाद इस रास्ते को पार करने वाला पहला गैर-ईरानी जहाज बना है.

अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वह जहाजों से किसी भी तरह का टैक्स वसूलना बंद करे. अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में आवाजाही के लिए शुल्क लेने का अधिकार नहीं है. फिलहाल पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में शांति वार्ता होने वाली है जिसमें पक्का समझौता करने की कोशिश की जाएगी. इस समय करीब 3,200 जहाज रास्ते के दोनों तरफ फंसे हुए हैं जो सुरक्षा के पक्के आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.