Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है और अब अमेरिका और ईरान के बीच जहाजों के रास्ते को लेकर सीधी टक्कर हो रही है। US Central Command का कहना है कि उसने कमर्शियल जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ते बनाए हैं, लेकिन ईरान इस रास्ते को पूरी तरह बंद बता रहा है। इस खींचतान के बीच अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
रास्ते को लेकर अमेरिका और ईरान में ठन गई
US Central Command (CENTCOM) ने 11 जून 2026 को साफ किया कि Strait of Hormuz अभी भी खुला है। अमेरिका का कहना है कि जो जहाज ईरान पर लगी पाबंदी का पालन करेंगे, उनके लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) और अन्य सैन्य अंगों ने ऐलान किया है कि यह रास्ता सभी जहाजों के लिए बंद है और वहां आने वाले किसी भी जहाज पर हमला किया जा सकता है।
अमेरिकी कार्रवाई और भारतीय नाविकों की मौत
अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात को रोकने के लिए कई जहाजों को निशाना बनाया है। 10 जून को Guinea-Bissau के जहाज M/T Jalveer को नाकाम किया गया। इससे पहले M/T Settebello नाम के Palau-फ्लैग वाले जहाज के इंजन रूम पर अमेरिकी सेना ने हमला किया था। भारत के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने जानकारी दी है कि इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अधिकारियों का रुख
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि Strait of Hormuz पर अब अमेरिका का कंट्रोल है, ईरान का नहीं। उन्होंने एक गुप्त मिशन का भी जिक्र किया जिससे तेल की सप्लाई जारी रहे। वहीं, अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth ने बताया कि अमेरिका ने करीब 140 ईरान से जुड़े जहाजों को रोका है। दूसरी ओर, International Maritime Organization के प्रमुख Arsenio Dominguez ने चेतावनी दी थी कि फिलहाल वहां कोई सुरक्षित रास्ता नहीं है।
Gulf देशों में तनाव और जवाबी हमला
इस टकराव का असर खाड़ी देशों में भी दिख रहा है। ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में Jordan, Kuwait और Bahrain में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, Qatar के डिप्टी प्रधानमंत्री Sheikh Saoud bin Abdulrahman Al Thani ने साफ किया है कि वे इस समुद्री रास्ते के लिए किसी भी तरह की स्थायी फीस के खिलाफ हैं।
अब तक का डेटा
CENTCOM के मुताबिक, 13 अप्रैल से शुरू हुई पाबंदी के बाद से अब तक के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 9 गैर-अनुपालन वाले जहाजों को नाकाम किया गया।
- 135 जहाजों को रास्ता बदलाकर भेजा गया।
- 42 मानवीय सहायता जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई।
