अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब Strait of Hormuz में साफ दिखाई दे रहा है। समुद्र के इस सबसे व्यस्त रास्ते से गैर-ईरानी जहाजों की संख्या न के बराबर रह गई है। Lloyd’s List की 16 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य कार्रवाई बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ा है।
तनाव के पीछे की मुख्य वजह
14 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी थी। इसके अगले दिन अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज कर दिए और एक तेल टैंकर को भी रोक दिया। जवाब में ईरान ने 15 जुलाई को तड़के Bahrain, Jordan और Kuwait को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने अमेरिका पर शांति समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि IRGC का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी कार्रवाई नहीं रोकता, तब तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा।
समुद्री व्यापार पर असर और सुरक्षा
आंकड़े बताते हैं कि 15 जुलाई को केवल 7 जहाज इस रास्ते से गुजरे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 13 थी। इनमें कोई भी बड़ा तेल टैंकर या गैस ले जाने वाला जहाज शामिल नहीं था। U.S. Navy द्वारा संचालित Joint Maritime Information Center (JMIC) ने इस क्षेत्र में खतरे का स्तर Severe घोषित कर दिया है। हालांकि व्हाइट हाउस का दावा है कि रास्ता खुला है, लेकिन समुद्री सुरक्षा फर्म Diaplous और MARISKS ने कंपनियों को फिलहाल यात्रा टालने की सलाह दी है क्योंकि स्थिति नियंत्रण से बाहर महसूस हो रही है।
