13 जुलाई 2026 को हारमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों में हुई सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर अपनी दावेदारी पेश की है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 12 जुलाई को बयान दिया कि उन्होंने जलमार्ग को खुला रखने के लिए भारी बमबारी की है और अमेरिका इसे पूरी तरह कंट्रोल करने में सक्षम है।

अमेरिका और ईरान का आमना-सामना

अमेरिकी सेना की CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि ईरान का इस रास्ते पर कोई नियंत्रण नहीं है और यह सभी वैध जहाजों के लिए खुला है। वहीं, IRGC ने 12 जुलाई को घोषणा की थी कि अमेरिकी हस्तक्षेप के कारण यह रास्ता अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने अमेरिका पर समझौतों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरान ने ओमान के पास एक कंटेनर शिप पर हमला करने के साथ ही 13 जुलाई को कतर में स्थित अमेरिकी बेस पर भी निशाना साधा।

गल्फ देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

इस संघर्ष के जवाब में अमेरिका ने 12 से 13 जुलाई के बीच ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइट्स और छोटे जहाजों को निशाना बनाया। ईरान ने भी पलटवार करते हुए 13 जुलाई को बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं। जॉर्डन ने अपनी सीमा में चार मिसाइलें मार गिराने की पुष्टि की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने इस स्थिति को बेहद खतरनाक बताया है, जबकि यूरोपीय संघ की Kaja Kallas ने समुद्री आवाजाही की आजादी बनाए रखने की मांग की है। इस तनाव के कारण खाड़ी के देशों में शिपिंग ट्रैफिक न्यूनतम स्तर पर आ गया है और पिछले महीने हुआ 60 दिनों का शांति समझौता अब खतरे में है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.