Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के जहाजों के लिए रास्ता बंद कर दिया है और अब कोई भी जहाज बिना अमेरिकी नौसेना की इजाजत के यहाँ से नहीं गुजर सकेगा। मामला इतना गंभीर है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बारूदी सुरंगें बिछाने वाले जहाजों को देखते ही मारने का आदेश दे दिया है। इस वजह से पूरी दुनिया के समुद्री व्यापार पर खतरा मंडरा रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने साफ कर दिया है कि ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी अब पूरी तरह लागू होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने समुद्र में माइन यानी बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की, तो अमेरिकी सेना उन्हें बिना किसी देरी के तबाह कर देगी। अमेरिका का कहना है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक ईरान अपने परमाणु इरादे नहीं छोड़ता। दूसरी तरफ, ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने इस नाकाबंदी को ceasefire का उल्लंघन बताया है।

किन जहाजों को पकड़ा गया और क्या असर होगा

तनाव के बीच ईरान ने MSC Francesca और Epaminondas नाम के दो विदेशी कंटेनर जहाजों को पकड़ लिया है। पनामा ने इस कार्रवाई को समुद्री सुरक्षा पर बड़ा हमला बताया है। अमेरिका भी 13 अप्रैल से ईरान से जुड़े जहाजों को रोक रहा है और उन्हें जब्त कर रहा है। यूरोपीय देशों ने चिंता जताई है कि अगर Strait of Hormuz का रास्ता जल्द नहीं खुला, तो दुनिया भर में सामान की सप्लाई रुक सकती है और महंगाई बढ़ सकती है।

क्या बातचीत से मामला सुलझेगा

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव की कोशिश कर रहा है और इस्लामाबाद में बातचीत चल रही है। अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी पाकिस्तान जा रहे हैं, लेकिन ईरान ने फिलहाल सीधे तौर पर अमेरिकी दूतों से बात करने से मना कर दिया है। इस पूरे मुद्दे पर 27 अप्रैल को UN सुरक्षा परिषद में एक बड़ी चर्चा होने वाली है, जिसमें दुनिया भर के देशों को शामिल किया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.