Strait of Hormuz Tension: ईरान और अमेरिका में बढ़ा तनाव, तेल की कीमत 106 डॉलर के पार पहुंची

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है जिससे पूरी दुनिया के बाज़ारों पर असर पड़ा है. Strait of Hormuz में ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों को पकड़ने के बाद कच्चे तेल की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गई है. इस विवाद के कारण समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ गया है और अमेरिका ने अपनी सेना को बहुत सख्त निर्देश दिए हैं.

ईरान और अमेरिका ने किन जहाजों को पकड़ा?

ईरान की IRGC ने 22 और 23 अप्रैल 2026 को MSC Francesca और Epaminondas नाम के दो कंटेनर जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया. ईरान का आरोप है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया और बिना अनुमति के रास्ता बदलने की कोशिश की. दूसरी तरफ अमेरिका ने Indian Ocean में MSC Majestic X नाम के ऑयल टैंकर को पकड़ा है. अमेरिका का कहना है कि यह जहाज ईरानी तेल की तस्करी कर रहा था. इस बीच Euphoria नाम के एक जहाज पर भी हमला हुआ जिससे उसके ब्रिज को काफी नुकसान पहुंचा.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या आदेश दिए और क्या है नया नियम?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने नेवी को आदेश दिया है कि जो भी ईरानी छोटी नावें Strait of Hormuz में माइन बिछाएंगी उन्हें ‘शूट एंड किल’ यानी सीधे मार गिराया जाए. उन्होंने समुद्र से माइन हटाने के काम को भी तीन गुना बढ़ाने का निर्देश दिया है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है जिसकी वजह से अब तक 33 जहाजों को वापस लौटाया गया है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करना चाहता तो वह इस मामले को सैन्य कार्रवाई से खत्म करेंगे.

आम लोगों और भारत पर इसका क्या असर होगा?

इस तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं जिससे आने वाले समय में ईंधन महंगा हो सकता है. ईरान ने अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना भी शुरू कर दिया है और यह पैसा अपने सेंट्रल बैंक में जमा कर रहा है. भारत के Shipping Ministry ने इस स्थिति पर चिंता जताई है क्योंकि इस इलाके में कई भारतीय नाविक काम करते हैं. हालांकि अभी तक किसी भारतीय नाविक के घायल होने की खबर नहीं आई है.