होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। 16 जुलाई 2026 को व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रपति Donald Trump अब ईरान द्वारा जहाजों पर हमले को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Olivia Wales ने ईरान पर व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाकर अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद करने का आरोप लगाया है।
अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य कार्रवाई
राष्ट्रपति Donald Trump ने होरमुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का संकल्प लिया है और खुद को इसका संरक्षक बताया है। इस बीच, US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और कमांड सेंटर्स पर सटीक हमले किए हैं। इन हमलों का मकसद ईरान की उन क्षमताओं को कम करना है जिनसे समुद्री व्यापार को खतरा है। इसी के तहत, नौसैनिक नाकेबंदी को लागू करते हुए Curacao के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Belma को भी चेतावनी न मानने पर रोक दिया गया है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान के ब्रिगेडियर जनरल Mohammad Akraminia ने होरमुज जलडमरूमध्य को ईरान के लिए एक अटूट रेड लाइन बताया है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर उनके ठिकानों पर खतरा बढ़ा, तो वे पूरे क्षेत्र में अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पहले ही Jordan, Bahrain और Kuwait में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों की तरफ मिसाइल और ड्रोन दाग चुका है। इन बढ़ते सैन्य हमलों और दोनों देशों के बीच युद्ध विराम टूटने के कारण क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है, जिसका सीधा असर समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है।
