Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, सीक्रेट कॉरिडोर से हो रहा है तेल का व्यापार

Aanya20 August 20263 min read41 viewsUAE
Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, सीक्रेट कॉरिडोर से हो रहा है तेल का व्यापार

फारस की खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर एक बार फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच वर्चस्व की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। 20 अगस्त 2026 तक की स्थिति के मुताबिक, यह जलमार्ग दुनिया का सबसे संवेदनशील और विवादित हिस्सा बन चुका है, जहां दोनों देश अपनी-अपनी ताकत दिखाने में लगे हैं। इस भू-राजनीतिक तनाव की वजह से समुद्री जहाजों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है। जहाजों के आने-जाने की संख्या सामान्य दिनों में जहां 73 हुआ करती थी, वहीं घटकर 16 अगस्त को मात्र एक जहाज रिकॉर्ड की गई। जहाजों पर नजर रखने वाली संस्था Kpler के आंकड़ों से पता चलता है कि पानी के जहाजों को अपनी पहचान छुपाने के लिए अंधेरे में चलने वाले तरीके यानी डार्क शिपिंग का सहारा लेना पड़ रहा है, जिसमें वे अपने AIS transponders बंद करके रास्ता पार कर रहे हैं।

ईरान की सख्ती और मिसाइल हमलों का साया

ईरान की तरफ से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC और वहां की संसद इस रास्ते पर अपना पूरा नियंत्रण होने का दावा कर रही है। तेहरान में एक नए कानून का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत दुश्मन देशों या जासूसी जहाजों, खासकर इजरायली जहाजों के इस रास्ते पर आने पर पूरी पाबंदी लगाने की तैयारी है। इसके अलावा, वहां से निकलने वाले जहाजों के लिए एक नया परमिट और टोल नियम लाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। ईरानी अधिकारियों का साफ कहना है कि जब तक अमेरिका उनकी शर्तें नहीं मानता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा। खबरें यह भी हैं कि ईरान की तरफ से खाड़ी देशों और कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल से हमले किए गए हैं। दोनों देशों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए जो 60 दिन का समझौता हुआ था, वह बिना किसी नए फैसले के 17 अगस्त को खत्म हो चुका है।

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अमेरिका का सीक्रेट कॉरिडोर और कड़ा रुख

दूसरी तरफ, अमेरिका का कहना है कि यह जलमार्ग किसी एक देश का नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय रास्ता है और सबको यहां चलने की पूरी आजादी है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि इस चैनल पर उनका पूरा नियंत्रण है। इस दावे को सच साबित करने के लिए ओमान की तरफ से एक गुप्त शिपिंग रास्ता बनाया गया है। इस गुप्त रास्ते से हर रात 15 से 20 टैंकरों के जरिए रोजाना करीब 1 करोड़ बैरल तेल निकाला जा रहा है। इन तेल टैंकरों को अमेरिकी नौसेना और एयर डिफेंस की सुरक्षा मिल रही है। अमेरिकी नौसेना ने 14 जुलाई से ही ईरानी बंदरगाहों पर रोक लगा रखी है और नियमों का पालन न करने वाले 65 जहाजों को दूसरे रास्ते पर मोड़ दिया है। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE पर हुए नए मिसाइल हमलों के बाद, यूएई सरकार ने ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय लेन-देन को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

व्यापारियों की चिंता और वैश्विक बाजार पर असर

भले ही अमेरिका दक्षिणी रास्ते पर अपनी पकड़ मजबूत बता रहा हो, लेकिन बाजार का हाल यह है कि व्यापारी ईरान से पंगा लेने से बच रहे हैं। अमेरिका की तरफ से ईरान को दुनिया से अलग-थलग करने के लिए एक और नया बड़ा आर्थिक ऑपरेशन शुरू किया गया है, जिससे हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। इस मची खींचतान की वजह से किसी भी देश का इस महत्वपूर्ण रास्ते पर पूरा कब्जा नहीं है, जिसका सीधा असर समूचे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहा है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।

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