अमेरिका और बहरीन ने ईरान की हरकतों को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में हो रहे हमलों को बंद किया जा सके। इस मुहिम में सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देश भी उनके साथ खड़े हैं।
अमेरिका और बहरीन के प्रस्ताव में क्या मांग की गई है?
इस प्रस्ताव के जरिए ईरान से मांग की गई है कि वह समुद्री हमलों को तुरंत रोके। इसमें मुख्य रूप से तीन बातों पर जोर दिया गया है:
- समुद्री सुरंगें: ईरान समुद्र में बिछाए गए सुरंगों की संख्या और उनकी सही जगह की जानकारी दे और उन्हें हटाने में मदद करे।
- मानवीय गलियारा: संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का समर्थन करते हुए एक मानवीय गलियारा बनाया जाए।
- अर्थव्यवस्था की सुरक्षा: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि ईरान जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देकर दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बना रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी हमलों का जवाब दिया है। उन्होंने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का जिक्र किया जो फंसे हुए टैंकरों को बाहर निकालने का ऑपरेशन था, लेकिन इसे अभी शांति समझौते की उम्मीद में रोक दिया गया है।
ईरान का क्या कहना है और ताज़ा हालात क्या हैं?
ईरान ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी को हटाना ही इस संकट का एकमात्र समाधान है। ईरान की IRGC नेवी ने चेतावनी दी है कि जो जहाज अमेरिकी सेना के लिए हथियार या गोला-बारूद ले जाएंगे, उन्हें रोका जा सकता है।
तनाव इतना बढ़ गया है कि 8 मई 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच फिर से झड़पें हुई हैं। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने तीन नौसैनिक जहाजों पर हुए ईरानी हमलों को विफल कर दिया और जवाबी कार्रवाई की। वहीं, ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने उसके जहाजों और इलाकों पर हमला किया।
UNSC में क्या हो रहा है और रूस-चीन का क्या रोल है?
इस प्रस्ताव को तैयार करते समय बहुत सावधानी बरती गई है। शुरुआत में इसमें सैन्य कार्रवाई (सभी आवश्यक उपाय) की बात लिखी थी, लेकिन रूस और चीन के वीटो से बचने के लिए उस भाषा को हटा दिया गया। अब यह प्रस्ताव सैन्य कार्रवाई के बजाय प्रतिबंधों पर केंद्रित है।
हाल ही में खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की निंदा करने वाला एक प्रस्ताव 13 वोटों से पास हुआ, जिसमें चीन और रूस ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यूएई पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद बंद कमरे में बैठक भी की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर क्या होगा?
यह इलाका दुनिया के तेल व्यापार का मुख्य रास्ता है। यहाँ हमलों और तनाव की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या है?
यह अमेरिका का एक ऑपरेशन है जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए टैंकरों को सुरक्षित बाहर निकालना है।