हर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में तनाव के चलते समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है। इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों के लिए युद्ध बीमा यानी वॉर रिस्क प्रीमियम की कीमत बढ़कर जहाज की कुल कीमत का 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह स्थिति पिछले कुछ समय में सबसे गंभीर है, जिससे तेल और अन्य जरूरी सामान ढोने वाली कंपनियों पर आर्थिक बोझ कई गुना बढ़ गया है।

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बीमा खर्च में भारी बढ़ोतरी

एक उदाहरण के तौर पर, जिस जहाज की कीमत 100 मिलियन डॉलर है, उसका बीमा प्रीमियम जो पहले करीब 250,000 डॉलर हुआ करता था, वह अब 3 मिलियन डॉलर से 10 मिलियन डॉलर के बीच पहुंच गया है। 17 जून 2026 को हुए ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम’ के फेल होने के बाद से सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इस समझौते के टूटने के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव तेज हो गया है।

व्यापार और सुरक्षा पर असर

27 फरवरी 2026 से ही Strait of Hormuz को व्यावहारिक रूप से बंद माना जा रहा है। जहां सामान्य दिनों में यहां से रोजाना औसतन 60 जहाज गुजरते थे, वहीं 20 जुलाई 2026 को केवल 10 जहाज ही यहां से गुजर सके। वर्तमान में 200 से अधिक जहाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई बीमा कंपनियों ने अब इस रास्ते से जाने वाले जहाजों के लिए नई बुकिंग लेना भी बंद कर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र की संस्था International Maritime Organization (IMO) के महासचिव Arsenio Dominguez ने बढ़ते बीमा खर्चों पर चिंता जताई है और सरकारों से इस पर ध्यान देने को कहा है। वहीं, Lloyd’s Market Association की जॉइंट वॉर कमिटी ने अब पूरे फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ‘उच्च जोखिम’ वाला क्षेत्र घोषित कर दिया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com