Strait of Hormuz: ईरान का बड़ा ऐलान, अमेरिका के बर्ताव सुधरने तक बंद रहेगा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज का रास्ता.

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने एक इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz का रास्ता अभी पूरी तरह से बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के गलत बर्ताव की वजह से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक वॉशिंगटन अपने तौर-तरीकों में सुधार नहीं करता है। ईरान का यह सख्त रुख ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले लगभग 6 महीने से इस क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है और दोनों देशों के बीच हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं।
मोहसेन रेजाई ने अपनी बातचीत में यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका अब सीधी सैन्य कार्रवाई की जगह ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को यह भरोसा दिलाया था कि आर्थिक नाकेबंदी करने से ईरान घुटने टेकने पर मजबूर हो जाएगा। हालांकि, ईरान ने इस रणनीति को पूरी तरह से फेल बताते हुए कहा कि देश के पास प्रतिबंधों से बचने और अपने तेल का निर्यात जारी रखने के पुराने और विकसित तरीके मौजूद हैं, जिससे इन दबावों का कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है।
पड़ोसी देशों को ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान के इस शीर्ष अधिकारी ने क्षेत्रीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी देश अमेरिका के साथ इस आर्थिक युद्ध में शामिल होगा, उसे ईरान अपना दुश्मन मानेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि भविष्य में जब भी इस स्ट्रेट को खोला जाएगा, तो उस पर पूरी तरह से तेहरान का कड़ा नियंत्रण होगा और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस भी वसूली जाएगी। इसके अलावा, ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय सैन्य अड्डों पर यदि अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई, तो ईरान इसका करारा जवाब देगा और उन ठिकानों को अपना निशाना बनाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
क्षेत्रीय तनाव के बीच इस जलमार्ग को लेकर अलग-अलग बयान सामने आए हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पहले संकेत दिया था कि यह रास्ता गैर-सैनिक कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, लेकिन बाद में ईरान के सशस्त्र बलों ने इस फैसले को पलट दिया और कहा कि स्ट्रेट का नियंत्रण फिर से सख्त सैन्य प्रबंधन के अधीन आ गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे इलाके को अमेरिकी क्षेत्र घोषित किया है और अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही है। इस मामले की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर देख सकते हैं।