खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच 22 जुलाई 2026 को कुवैत और अन्य क्षेत्रीय देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए। इस स्थिति को देखते हुए सूडान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी KUNA के अनुसार, यह हमले पिछले कुछ दिनों से जारी क्षेत्रीय अशांति का हिस्सा हैं।
हमलों का असर और बचाव की तैयारी
19 से 21 जुलाई 2026 के दौरान कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, कतर, सऊदी अरब और ओमान में मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। कुवैत के बिजली मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों का निशाना मुख्य रूप से बिजली उत्पादन केंद्र और पानी के डिसेलिनेशन प्लांट थे। इन हमलों के कारण आग लगने, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचने और एयरपोर्ट के संचालन में रुकावट जैसी समस्याएं पैदा हुई हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि ये हमले अमेरिका की संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए किए गए थे। दूसरी ओर, कुवैती सेना और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी Colonel Saud Al Otaibi ने पुष्टि की है कि कुवैत का एयर डिफेंस सिस्टम लगातार इन हमलों को नाकाम कर रहा है। उन्होंने वहां रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों से सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
