सऊदी अरब के मक्का शहर में रहने वाले लोगों और दुनिया भर के लोगों के लिए एक बहुत ही खास और दुर्लभ खबर है। 28 मई 2026 को मक्का में पवित्र काबा के ठीक ऊपर सूरज दिखाई देगा। यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका इंतजार दुनिया भर के खगोल प्रेमी और मुस्लिम समुदाय के लोग करते हैं। इस खास समय पर काबा की कोई भी परछाई जमीन पर नहीं बनेगी, जिससे दुनिया के किसी भी कोने से किबला यानी नमाज की सही दिशा का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।

किबला की सही दिशा जानने का सबसे आसान तरीका

इस घटना के समय सूरज ठीक पवित्र काबा के ऊपर 90 डिग्री के कोण पर आ जाता है। जेद्दा एस्ट्रोनॉमी सोसाइटी के निदेशक इंजीनियर माजद अबू जाहरा ने बताया कि इस समय मक्का और उसके आसपास की खड़ी चीजों की परछाई गायब हो जाती है। अगर आप मक्का से दूर किसी दूसरे देश या शहर में हैं, तो आप इस समय किसी भी सीधे खड़े खंभे या लकड़ी की मदद ले सकते हैं। इस समय बनने वाली परछाई के बिल्कुल विपरीत दिशा को देखकर किबला की सही दिशा का पता लगाया जा सकता है। नूर एस्ट्रोनॉमी एसोसिएशन के अध्यक्ष ईसा अल-गफिली ने भी कहा कि इसके लिए किसी विशेष उपकरण या वैज्ञानिक गणना की जरूरत नहीं होती है।

साल 2026 का यह संयोग क्यों है बेहद खास?

आमतौर पर यह खगोलीय घटना साल में दो बार यानी 27 या 28 मई और 15 या 16 जुलाई को होती है। लेकिन साल 2026 में यह घटना और भी ज्यादा खास होने वाली है क्योंकि इस बार सूरज का काबा के ठीक ऊपर आना अराफात के दिन के बेहद करीब हो रहा है। वैज्ञानिकों और जानकारों के अनुसार ऐसा संयोग लगभग 33 सालों में केवल एक बार ही बनता है।

इस बीच सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के प्रवक्ता हुसैन अल काहतानी ने लोगों को आश्वस्त किया है कि यह एक सामान्य और प्राकृतिक खगोलीय घटना है। उन्होंने साफ किया कि काबा के ऊपर सूरज आने से तापमान में कोई असाधारण बढ़ोतरी नहीं होगी, क्योंकि मौसम पूरी तरह से कई अन्य जलवायु कारकों पर निर्भर करता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का में काबा के ऊपर सूर्य का संरेखण कब और कितने बजे होगा?

यह खगोलीय घटना गुरुवार, 28 मई 2026 को मक्का के समय के अनुसार दोपहर लगभग 12:18 बजे होगी।

क्या इस खगोलीय घटना के कारण मक्का में गर्मी और तापमान बढ़ेगा?

राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के प्रवक्ता हुसैन अल काहतानी के अनुसार, इस खगोलीय घटना से तापमान में कोई असाधारण बढ़ोतरी नहीं होगी क्योंकि मौसम अन्य जलवायु कारकों पर निर्भर करता है।

काबा के ऊपर सूरज आने से किबला की दिशा कैसे पता चलती है?

इस दौरान सूरज बिल्कुल ऊपर होने से काबा की परछाई नहीं बनती। मक्का के बाहर किसी भी स्थान पर किसी सीधे खड़े ऑब्जेक्ट की परछाई के बिल्कुल विपरीत दिशा को देखकर किबला की दिशा आसानी से जानी जा सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.