Suzlon Energy के शेयर में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए पिछले कुछ दिन काफी भारी रहे हैं। कंपनी का शेयर अपने सबसे ऊंचे स्तर (Peak) से करीब 50% तक टूट चुका है। शुक्रवार को शेयर का भाव गिरकर लगभग 44.38 रुपये से 44.55 रुपये के बीच बंद हुआ। यह पिछले 21 महीनों में इस शेयर का सबसे निचला स्तर है। मई 2024 के बाद पहली बार शेयर इस भाव पर देखा गया है। जो शेयर कुछ समय पहले 86 रुपये पर चल रहा था, वह अब करीब आधा रह गया है।

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शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?

बाज़ार के जानकारों के मुताबिक, शेयर में गिरावट की कुछ ठोस वजहें सामने आई हैं। तकनीकी तौर पर शेयर ने 46 रुपये का अपना एक मज़बूत सपोर्ट लेवल तोड़ दिया है, जिसे ‘Structural Breakdown’ कहा जा रहा है। इसके अलावा कंपनी के कामकाज को लेकर भी कुछ चुनौतियां हैं।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि कंपनी ने पिछले सात तिमाहियों में 3,175 मेगावाट (MW) के उपकरण डिलीवर किए, लेकिन इनमें से केवल 778 मेगावाट ही चालू (Commission) हो पाए हैं। ज़मीन अधिग्रहण और ग्रिड कनेक्टिविटी जैसी समस्याएं काम की रफ्तार को धीमा कर रही हैं। इन वजहों से निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है।

एक्सपर्ट्स की क्या है राय?

शेयर बाज़ार के अलग-अलग एक्सपर्ट्स ने इस पर अपनी राय दी है। JM Financial ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन अपना भरोसा थोड़ा कम करते हुए डिलीवरी का अनुमान घटा दिया है और टारगेट प्राइस 64 रुपये रखा है। वहीं, Nuvama ने भी अपना टारगेट घटाकर 55 रुपये कर दिया है, उनका मानना है कि सोलर और बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स से अब कड़ी टक्कर मिल रही है।

दूसरी तरफ, तकनीकी विश्लेषक अंशुल जैन (Lakshmishree) ने चेतावनी दी है कि शेयर का चार्ट कमज़ोर लग रहा है और यह गिरकर 41 रुपये तक जा सकता है। सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट एआर रामचंद्रन ने भी कहा है कि 52.9 रुपये के नीचे बंद होने से शेयर ‘Bearish’ ज़ोन में चला गया है। चूंकि इस शेयर में आम निवेशकों (Retail Investors) का काफी पैसा लगा है, इसलिए इस गिरावट का सीधा असर उन पर पड़ा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.