स्विट्जरलैंड सरकार ने शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका को हथियारों के निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनकी तटस्थता नीति यानी Neutrality Policy के अनुसार वे उन देशों को हथियार नहीं बेच सकते जो किसी अंतरराष्ट्रीय सैन्य संघर्ष में शामिल हैं। यह कदम ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुए उठाया गया है।

स्विट्जरलैंड ने यह कड़ा फैसला क्यों लिया?

स्विट्जरलैंड की सरकार ने अपने कानून ‘वॉर मैटेरियल एक्ट’ की धारा 22a के तहत यह कार्रवाई की है। इस नियम के मुताबिक जब तक कोई अंतरराष्ट्रीय युद्ध जारी रहता है, तब तक शामिल देशों को युद्ध सामग्री का निर्यात नहीं किया जा सकता। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस तनाव के बाद से ही स्विट्जरलैंड ने अमेरिका के लिए कोई भी नया हथियार लाइसेंस जारी नहीं किया है। सरकार का मानना है कि विश्व स्तर पर निष्पक्ष दिखने के लिए यह फैसला लेना बहुत जरूरी था।

क्या पुराने समझौतों और सप्लाई पर भी असर पड़ेगा?

सरकार ने इस मामले की बारीकी से निगरानी के लिए विशेषज्ञों की एक टीम बनाई है। यह टीम पुराने लाइसेंसों और दोहरे इस्तेमाल वाले सामानों की लगातार समीक्षा करेगी। हालांकि कुछ पुराने सौदे जो मौजूदा युद्ध से सीधे तौर पर जुड़े नहीं हैं, उन पर नियमित विचार किया जाएगा। इस फैसले से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय संघर्ष की वजह से निर्यात रोका गया है।
  • स्विट्जरलैंड ने इजरायल को भी पिछले कई वर्षों से हथियारों का कोई पक्का लाइसेंस नहीं दिया है।
  • इससे पहले स्विट्जरलैंड ने अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति देने से भी मना कर दिया था।
  • विशेषज्ञों की टीम अब यह सुनिश्चित करेगी कि तटस्थता के नियमों का कोई उल्लंघन न हो।
  • अमेरिका को होने वाले नए हथियारों के निर्यात अब युद्ध खत्म होने तक बंद रहेंगे।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.