सीरिया एयरबेस हमला: अमेरिका ने इजराइल का दावा नकारा, खुफिया जानकारी को बताया पूरी तरह गलत.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस वक्त एक नया विवाद खड़ा हो गया है जब अमेरिका ने उत्तरी सीरिया में स्थित अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजराइल की तरफ से किए गए हालिया हवाई हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमेरिका का साफ कहना है कि इस हमले के पीछे तेलअवीव की खुफिया जानकारी पूरी तरह से गलत साबित हुई है और वाशिंगटन या तुर्किए को इस सैन्य कार्रवाई की कोई भी पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी। इस मामले के सामने आने के बाद से मध्य पूर्व में कूटनीतिक और सैन्य हलचल काफी तेज हो गई है और आम लोगों के बीच भी इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
तुर्किए और अमेरिका को नहीं थी हमले की भनक
तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू के मुताबिक, तुर्किए में अमेरिकी राजदूत और सीरिया-इराक मामलों के विशेष दूत टॉम बैराक ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका को इस हमले के पीछे की मुख्य वजह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन जब अमेरिकी एजेंसियों ने अपनी खुफिया जांच कराई तो इजराइल के दावे में कोई सच्चाई नहीं पाई गई। इजराइल की ओर से यह खुफिया जानकारी दी गई थी कि तुर्किए सीरिया के इस एयरबेस पर अपने सैन्य उपकरण भेज सकता है।
इज़राइली एजेंसियों के बीच हो सकती है गलतफहमी
अमेरिकी दूत टॉम बैराक ने यह भी संभावना जताई है कि इजराइली सेना, खुफिया एजेंसी मोसाद और प्रधानमंत्री कार्यालय के बीच आपस में किसी तरह की गलतफहमी पैदा हो गई होगी, जिसके चलते यह गलत कदम उठाया गया। अमेरिकी जांच तंत्र ने जब इजराइल के इस दावे को परखा तो वह पूरी तरह से निराधार निकला। इसके साथ ही अमेरिकी दूत ने तुर्किए की सेना की जमकर तारीफ करते हुए उसे एक बेहद मजबूत और अच्छी तरह से सुसज्जित सेना बताया, जो अपनी जिम्मेदारियों को बहुत अच्छी तरह समझती है।
नेतन्याहू का दावा और सीरियाई एयरबेस की स्थिति
इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके कार्यालय की ओर से यह दावा किया गया था कि तुर्किए के सैनिक सीरिया में स्थित इस एयरबेस पर अपनी तैनाती करने की कोशिश कर रहे थे और दक्षिणी हिस्से में अपने सैन्य ठिकाने बना रहे थे। लेकिन अमेरिकी दूत के इस नए बयान के बाद इज़राइल के दावों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इस पूरे अमेरिकी बयान पर अभी तक इज़राइल सरकार की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आपको बता दें कि इज़राइली लड़ाकू विमानों ने उत्तरी सीरिया के पूर्वी इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहूर एयरबेस को निशाना बनाकर करीब आठ हमले किए थे। गनीमत यह रही कि यह एयरबेस फिलहाल इस्तेमाल में नहीं था और इन हमलों में रनवे तथा हैंगर में मौजूद एक बंद पड़ी संरचना को ही निशाना बनाया गया। सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, गनीमत यह रही कि इन हमलों में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है। इस घटना के बाद से सीरिया के क्षेत्र में इज़राइल और तुर्किए के बीच तनाव और अधिक संवेदनशील हो गया है।