सीरिया के गृह मंत्रालय ने दमिश्क में स्थित संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास पर हमला करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। 3 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले के बाद प्रशासन ने M.S. और SH.A. नाम के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सीरियाई सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी देश के दूतावास पर हमला कानून का उल्लंघन है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दूतावास पर हमले के बाद क्या कदम उठाए गए?

सीरियाई गृह मंत्रालय ने 5 अप्रैल 2026 को इन गिरफ्तारियों की घोषणा की और बताया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों ने साफ किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और हिंसक हमले में बहुत फर्क होता है। सीरियाई विदेश मंत्री असद हसन अल-शैबानी ने कहा कि UAE के साथ उनके देश के रिश्ते बहुत मजबूत हैं और वह किसी भी अपमानजनक कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। राजनयिक मिशन अंतरराष्ट्रीय कानून और वियना कन्वेंशन के तहत सुरक्षित होते हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की कैसी रही प्रतिक्रिया?

इस हमले के बाद खाड़ी देशों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और अरब संसद ने UAE के साथ एकजुटता दिखाई और सीरिया से सभी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। अन्य देशों की प्रतिक्रिया इस प्रकार रही है:

देश/संगठन प्रतिक्रिया का विवरण
UAE विदेश मंत्रालय दूतावास और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की
GCC दंगों और तोड़फोड़ के प्रयासों की सख्त निंदा की
सऊदी अरब और कुवैत राजनयिक मिशनों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन का आग्रह किया
अमेरिका अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने दूतावासों की रक्षा पर जोर दिया
अरब संसद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में दृढ़ रुख अपनाने की अपील की

यह हमला कथित तौर पर गाजा की वर्तमान स्थिति और एक नए इजरायली कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुआ था। सीरियाई प्रशासन ने अब दूतावास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोका जा सके।