सीरिया में पूर्व व्हाइट हेलमेट्स वॉलंटियर की मौत पर बड़ा खुलासा, जांच में जानबूझकर हत्या का सबूत नहीं मिला.

सीरिया में व्हाइट हेलमेट्स के पूर्व स्वयंसेवक Mohammad Ghamira की मौत के मामले में एक औपचारिक जांच पूरी कर ली गई है। इस जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की सुनियोजित या जानबूझकर प्रताड़ना का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण के बाद एक पुलिस पूछताछकर्ता के खिलाफ आपराधिक मुकदमा जरूर चलाया जाएगा। दो बच्चों के पिता Mohammad Ghamira की उम्र 29 वर्ष थी और उनकी मौत रविवार, 16 अगस्त 2026 को लताकिया के एक अस्पताल में हुई थी।
हिरासत से रिहाई के बाद हुई थी मौत
मिली जानकारी के अनुसार, Mohammad Ghamira को लताकिया इंटरनल सिक्योरिटी कमांड में चोरी के आरोपों के सिलसिले में हिरासत में रखा गया था। वहां से रिहाई के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके पैतृक शहर अल-हाफा में 17 अगस्त को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस घटना के बाद लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला और प्रशासन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
जांच समिति के खुलासे और पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई
पुलिस मामलों के सहायक आंतरिक मंत्री और जांच समिति का नेतृत्व करने वाले मेजर जनरल Ahmed Latouf ने 20 अगस्त 2026 को इस बात की घोषणा की। मेडिकल एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट के आधार पर यह बताया गया कि Mohammad Ghamira की मौत सेरेब्रल हेमरेज यानी मस्तिष्क से जुड़े रक्तस्राव की जटिलताओं के कारण हुई थी। जांच में यह बात सामने आई कि पूछताछ के दौरान एक पुलिस पूछताछकर्ता Ahmad Jawad (A.J.) ने उन्हें गर्दन पर थप्पड़ मारा था। पूछताछकर्ता को पहले ही यह जानकारी दी गई थी कि पीड़ित व्यक्ति हीमोफीलिया से पीड़ित है, जो खून के थक्के जमने से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि यह कृत्य आचार संहिता और कैदियों के साथ दुर्व्यवहार पर रोक लगाने वाले ministerial निर्देशों का सीधा उल्लंघन था।
मंत्रालय की जवाबदेही और आगे की कार्रवाई
सीरिया के आंतरिक मंत्री Anas Khattab ने मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया और कहा कि वे सच्चाई की तह तक जाने के लिए पूरी तरह दृढ़ संकल्पित हैं। आरोपी Ahmad Jawad को लताकिया की पब्लिक प्रॉसिक्यूटोरियल यूनिट में भेज दिया गया है। इसके साथ ही अन्य कर्मियों, जिनमें कप्तान Ahmad Shaker al-Masri और investigator Omar Youssef शामिल हैं, उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है। जांच में इस बात को भी स्वीकार किया गया कि जब Mohammad Ghamira को हिरासत में लिया गया था, तब उनकी मेडिकल स्थिति को रिकॉर्ड न करने में प्रक्रियात्मक लापरवाही बरती गई थी।
मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया
आपातकालीन और आपदा प्रबंधन मंत्री और व्हाइट हेलमेट्स के पूर्व प्रमुख Raed al-Saleh ने व्यवस्थागत जवाबदेही की मांग उठाई है। इस घटना ने सीरियाई जेलों में होने वाली प्रताड़ना और दुर्व्यवहार के खिलाफ सार्वजनिक आक्रोश को एक बार फिर भड़का दिया है। सीरियन नेटवर्क फॉर ह्यूमन राइट्स, यूरो-मेड ह्यूमन राइट्स मॉनिटर, द सीरिया कैंपेन और फैमिलीज फॉर फ्रीडम सहित कई प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने नजरबंदी प्रणाली के भीतर चल रही व्यापक व्यवस्थागत ज्यादतियों की स्वतंत्र जांच कराने की पुरजोर मांग की है।