सीरियाई सेना ने सोमवार, 30 मार्च 2026 को जानकारी दी कि इराक की सीमा के पास उनके सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन से हमला किया गया है। सेना के अनुसार, यह हमला तड़के सुबह हुआ जिसमें कई ड्रोनों का इस्तेमाल ठिकानों को नुकसान पहुँचाने के लिए किया गया। सीरियाई रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने सतर्कता दिखाते हुए अधिकांश ड्रोनों को रास्ते में ही मार गिराया है।

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हमले से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं?

सीरियाई सेना के ऑपरेशन विभाग ने पुष्टि की है कि उनके सैनिक अब जवाबी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इस हमले के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

  • तारीख: 30 मार्च 2026 की सुबह हमला हुआ।
  • इलाका: इराक सीमा के पास स्थित सीरियाई सैन्य अड्डे।
  • कार्रवाई: सीरियाई सेना ने ज्यादातर ड्रोनों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
  • मकसद: सीरियाई क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करना और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना।

हाल के दिनों में हुए हमलों का विवरण

पिछले कुछ दिनों में सीरियाई ठिकानों पर हमलों की संख्या बढ़ी है। सीरिया के रक्षा राज्य मंत्री Sipan Hamo ने इसके लिए सीधे तौर पर इराक को जिम्मेदार माना है। उनका कहना है कि इराक की जमीन से सीरियाई इलाकों में ड्रोन भेजे जा रहे हैं, जिसे रोका जाना जरूरी है।

तारीख स्थान हमले का प्रकार
30 मार्च 2026 इराक सीमा के पास ड्रोन हमला
29 मार्च 2026 Qasrak बेस 4 ड्रोन द्वारा हमला
28 मार्च 2026 Al-Tanf बेस ड्रोन हमला
पिछले सप्ताह Hasakah प्रांत मिसाइल हमला

सीरिया के राष्ट्रपति Ahmad al-Sharaa पहले ही कह चुके हैं कि वे देश को क्षेत्रीय संघर्ष से दूर रखना चाहते हैं। वहीं इराक के प्रधानमंत्री Mohammed Shia al-Sudani ने भरोसा दिलाया है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी अवैध गतिविधि के लिए नहीं होने देंगे। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सेना किसी भी बड़े खतरे को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है।