9 मई 2026 को सीरियाई हज यात्रियों का पहला ग्रुप जेद्दा के किंग अब्दुलअज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुँचा। दमिश्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निकली पहली फ्लाइट में 340 यात्री सवार थे जिन्होंने अपनी हज यात्रा की शुरुआत की। सऊदी सरकार और सीरियाई अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधा के लिए सभी इंतज़ाम पूरे कर लिए हैं।
सीरियाई हज यात्रियों के लिए क्या तैयारी की गई है?
सीरिया के वक्फ मंत्रालय के हज और उमराह निदेशालय ने जानकारी दी कि मक्का और मदीना में सभी ज़रूरी सेवाएँ और लॉजिस्टिक्स तैयार हैं। सऊदी अरब में सीरिया के राजदूत मोहसिन महबाश ने 8 मई को मक्का और अन्य पवित्र स्थलों पर जाकर तैयारियों का मुआयना किया। यात्रियों की एंट्री प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सऊदी पासपोर्ट विभाग ने एयरपोर्ट और बॉर्डर क्रॉसिंग पर नई तकनीक और कई भाषाओं के जानकार कर्मचारियों को तैनात किया है।
बिना परमिट हज करने पर क्या होगी सज़ा?
सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि हज करने के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों से लिया गया कानूनी परमिट ही मान्य होगा। बिना वैध हज वीज़ा के यात्रा करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नियम इस प्रकार हैं:
- जुर्माना: बिना परमिट हज करने पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
- डेपोर्टेशन: विदेशी निवासियों को देश से निकाला जा सकता है और उन पर 10 साल तक के लिए दोबारा एंट्री बैन लगाया जा सकता है।
- समय सीमा: मक्का में प्रवेश की पाबंदी 1 धुल किदा से लेकर 14 धुल हिज्जा तक लागू रहेगी।
मंत्रालय ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी बिना लाइसेंस वाले कैंपेन या भ्रामक विज्ञापनों के चक्कर में न आएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सीरिया से पहली हज फ्लाइट कब रवाना हुई और कितने यात्री थे?
पहली फ्लाइट 9 मई 2026 को दमिश्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जेद्दा के लिए रवाना हुई, जिसमें कुल 340 सीरियाई यात्री शामिल थे।
बिना वैध परमिट के हज करने पर क्या दंड मिल सकता है?
बिना परमिट के हज करने पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना, देश से निष्कासन और 10 साल तक का री-एंट्री बैन लगाया जा सकता है।