Taiwan पर मंडराया चीन के हमले का खतरा, ताइवान ने बढ़ाई अपनी सुरक्षा और डिफेंस का बजट.

Nura Basta18 August 20263 min read52 viewsWorld
Taiwan पर मंडराया चीन के हमले का खतरा, ताइवान ने बढ़ाई अपनी सुरक्षा और डिफेंस का बजट.

दुनियाभर में सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं क्योंकि यह डर सता रहा है कि चीन भी ताइवान के खिलाफ समुद्र से नाकेबंदी यानी घेराबंदी कर सकता है। ठीक वैसी ही रणनीति जैसी हाल ही में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनाई है। इस बीच अल जज़ीरा का शो 101 East इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि बीजिंग की तरफ से लगातार ताइवान पर अपने हक जताने वाले दावों के बीच, ताइवान इस संभावित खतरे से निपटने के लिए कितना तैयार है। होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां हाल ही में टैंकर्स पर हुए हमलों के बाद जहाजों की आवाजाही पर भारी असर पड़ा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के हालात और अमेरिकी नाकेबंदी

केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, हाल ही में रविवार को इस रास्ते से एक भी कमोडिटी जहाज गुजरते हुए दर्ज नहीं किया गया, जबकि पिछले हफ्ते यह संख्या 31 थी। अमेरिका इस इलाके में अपनी नौसेना की नाकेबंदी बनाए हुए है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने 16 अगस्त को यह बयान दिया था कि समुद्री यातायात को दोबारा शुरू करने के लिए वाशिंगटन को तेहरान की कुछ खास शर्तों को मानना ही होगा, क्योंकि ईरानी शासन रियायत देने के बजाय लगातार संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है। दूसरी तरफ, चीन इस पूरी बंदी से फायदे की स्थिति में है क्योंकि उसके रिफाइनरियों को लगातार कम कीमत पर तेल मिलता रहता है।

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ताइवान का रिकॉर्ड डिफेंस बजट और सैन्य अभ्यास

क्षेत्रीय तनाव के बढ़ते माहौल को देखते हुए ताइवान के राष्ट्रपति Lai Ching-te ने आने वाले साल के लिए अब तक के सबसे बड़े रक्षा बजट का ऐलान किया है। ताइवान का यह बजट इतिहास में पहली बार 1 ट्रिलियन ताइवानी डॉलर यानी लगभग 44.15 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से ज्यादा हो गया है। राष्ट्रपति लाई ने इस बजट को क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए एक बहुत जरूरी निवेश बताया है। ताइवान की सेना ने पिछले हफ्ते ही अपना सालाना हान कुआंग सैन्य अभ्यास खत्म किया है। इस अभ्यास में 12 अगस्त को पहली बार नौसेना और कोस्ट गार्ड ने मिलकर एक साझा नाकेबंदी विरोधी ड्रिल की, जिसमें व्यापारी जहाजों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। इसके अगले दिन यानी 13 अगस्त को ताइपे में एयर रेड ड्रिल भी आयोजित की गई, जिसमें मोबाइल इंटरनेट ब्लैकआउट का अभ्यास भी शामिल था।

चीन की प्रतिक्रिया और जापान पर बयान

चीन के रक्षा मंत्रालय ने ताइवान के इन हालिया सैन्य अभ्यासों को युद्ध का डर फैलाने वाला एक फिजूल का नाटक कहकर खारिज कर दिया है। इसके अलावा, ताइवान के समुद्री और बंदरगाह ब्यूरो ने चीन के ग्वांगडोंग मैरीटाइम सेफ्टी Administración द्वारा हाल ही में घोषित किए गए समुद्री यातायात नियंत्रण उपायों को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। ताइवान ने साफ कहा है कि ताइवान जलडमरूमध्य पर अपना अधिकार जमाने के लिए तूफान से बचाव का बहाना बनाना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही, ताइवान के कई संगठनों जैसे रीयुनिफिकेशन अलायंस पार्टी और लेबर पार्टी ने जापान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों का विरोध किया है और चेतावनी दी है कि जापान की सक्रियता से पूर्वी एशिया में स्थिरता बिगड़ सकती है।

विशेषज्ञों की राय और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के एसोसिएट फेलो और पूर्व ब्रिटिश राजनयिक Charlie Parton ने पूर्ण पैमाने पर नाकेबंदी या फिर किसी बड़े आक्रमण की बात पर संदेह जताया है। उनका यह मानना है कि इस तरह का कोई भी कदम उठाने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है और चीन के अंदर बेरोजगारी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी, जिससे देश के शीर्ष नेता Xi Jinping की राजनीतिक स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी हमले के लिए जरूरी साजो-सामान जुटाने की प्रक्रिया इतनी लंबी होती है कि अमेरिका और उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को ताइवान की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पर्याप्त समय और चेतावनी मिल जाएगी।

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