तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक सीफूड प्रोसेसिंग प्लांट में जहरीली अमोनिया गैस लीक होने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 7 महिला मजदूरों की जान चली गई और करीब 67 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत मेडिकल इमरजेंसी लागू कर दी गई।
यह हादसा रविवार, 21 जून 2026 को मनजंगरणई के St. Peter’s Paul Seafoods Exports Private Limited प्लांट में हुआ। जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई ज्यादातर महिलाएं 24 से 25 साल की हैं और वे असम, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों से यहाँ काम करने आई थीं। घटना उस समय हुई जब रविवार की छुट्टी थी और मजदूर फैक्ट्री के आवासीय हिस्से में मौजूद थे।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया गया। इनमें से 46 लोगों का इलाज Vels Hospital में और 21 लोगों का Venkateshwara Hospital में चल रहा है। हालत ज्यादा खराब होने के कारण 9 मरीजों को चेन्नई के Government Stanley Medical College Hospital भेजा गया है।
बचाव कार्य के लिए NDRF की चौथी बटालियन, पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तैनात किया गया था। NDRF की टीम ने गैस डिटेक्शन डिवाइस और विशेष PPE किट का इस्तेमाल कर बचाव अभियान चलाया। आशंका है कि गैस लीक प्लांट के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम के वाल्व खराब होने की वजह से हुआ।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है और सभी पीड़ितों के लिए विशेष इलाज के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी में औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और सार्वजनिक स्वास्थ्य के अतिरिक्त निदेशक शामिल हैं। इस कमेटी को 24 घंटे के भीतर शुरुआती रिपोर्ट और तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।
जिला कलेक्टर S. Kavitha ने अस्पताल में भर्ती लोगों और मौतों की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और कंपनी के दो मालिकों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। साथ ही, सरकार ने राज्य के सभी खतरनाक उद्योगों की सुरक्षा जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
