टाटा समूह और OpenAI ने 19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक साझेदारी की घोषणा की है। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट (India AI Impact Summit) के दौरान टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इस डील पर मुहर लगाई। यह साझेदारी भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और टाटा की कंपनियों में नई तकनीक लाने पर केंद्रित है। इस मौके पर दोनों कंपनियों ने भारत में एआई के भविष्य को लेकर कई बड़े वादे किए हैं।

ℹ️: सिर्फ़ Galgotias ही नहीं बल्कि Wipro ने भी गाल गोदा, लालच और शोबाजी ने कराया All India बेइज्जती.

क्या है टाटा और OpenAI की यह नई डील?

इस समझौते के तहत टाटा ग्रुप अपनी कंपनियों में ‘ChatGPT Enterprise’ को लागू करने जा रहा है। इसकी शुरुआत टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से होगी और अगले कुछ सालों में इसे पूरे समूह में फैलाया जाएगा। इसके अलावा, TCS और TPG मिलकर ‘HyperVault’ डेटा सेंटर बिजनेस में 18,000 करोड़ रुपये तक का निवेश कर रहे हैं। OpenAI इसका पहला बड़ा ग्राहक (Anchor Tenant) बनेगा। इसका मकसद भारत में ही डेटा को प्रोसेस करना है ताकि सुरक्षा और स्थानीय नियमों का पालन हो सके।

आम लोगों और युवाओं के लिए इसमें क्या खास है?

यह साझेदारी सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आम युवाओं पर भी पड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • युवाओं की ट्रेनिंग: OpenAI Foundation और TCS ने मिलकर भारत के 10 लाख (1 million) युवाओं को AI स्किल्स सिखाने का वादा किया है।
  • नौकरी के अवसर: डेटा सेंटर की क्षमता 100 मेगावाट से शुरू होकर 1 गीगावाट तक जाएगी, जिससे तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के मौके बनेंगे।
  • लोकल टेक्नोलॉजी: सैम ऑल्टमैन ने कहा है कि उनका लक्ष्य भारत के साथ मिलकर, भारत के लिए और भारत के अंदर AI का निर्माण करना है।
  • नया सॉफ्टवेयर: TCS अब कोडिंग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के लिए OpenAI Codex का इस्तेमाल करेगा, जिससे काम की गति बढ़ेगी।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.