टाटा समूह (Tata Group) ने भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आने वाले 5 वर्षों में, समूह 5 लाख से अधिक नई मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां पैदा करेगा।

 

नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का ऐलान

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस योजना का खुलासा करते हुए कहा कि नौकरियां बैटरी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), सोलर इक्विपमेंट और अन्य हार्डवेयर प्रोडक्ट्स के निर्माण में दी जाएंगी। ये प्रोडक्ट्स भविष्य की अर्थव्यवस्था में मूलभूत भूमिका निभाएंगे।

 

मुख्य प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं:

  1. सेमीकंडक्टर फैब: गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट।
  2. सेमीकंडक्टर OSAT प्लांट: असम में निर्माणाधीन।
  3. इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली यूनिट: कर्नाटक के नरसापुरा में।
  4. ऑटोमोटिव प्लांट: तमिलनाडु के पनपक्कम में।
  5. बैटरी सेल फैक्ट्री: गुजरात के साणंद और यूके के समरसेट में।
  6. सोलर मॉड्यूल उत्पादन: तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में।

इलेक्ट्रॉनिक्स होंगे सस्ते

इन योजनाओं के साथ, भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स के निर्माण की लागत में कमी आएगी। इसका फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिससे मोबाइल, लैपटॉप, सोलर पैनल जैसे उपकरणों की कीमतें कम हो सकती हैं।

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आर्थिक प्रगति

एन चंद्रशेखरन ने AI और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ते अवसरों का जिक्र करते हुए कहा कि ये क्षेत्र न केवल आर्थिक विकास को गति देंगे, बल्कि सामाजिक प्रगति को भी बढ़ावा देंगे। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में इनडायरेक्ट रोजगार के अवसर भी भारी संख्या में उत्पन्न होंगे।

 

भारत में बड़ा बदलाव

टाटा समूह के ये कदम न केवल भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेंगे।

 

प्रोजेक्ट का नाम लोकेशन मुख्य उत्पाद
सेमीकंडक्टर फैब धोलेरा, गुजरात सेमीकंडक्टर चिप्स
सेमीकंडक्टर OSAT प्लांट असम चिप्स असेंबली और टेस्टिंग
इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली यूनिट नरसापुरा, कर्नाटक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
ऑटोमोटिव प्लांट पनपक्कम, तमिलनाडु इलेक्ट्रिक व्हीकल्स
बैटरी सेल फैक्ट्री साणंद (गुजरात), समरसेट (UK) बैटरी निर्माण
सोलर मॉड्यूल उत्पादन तिरुनेलवेली, तमिलनाडु सोलर पैनल्स