Tata Sons: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा, बोर्ड में मतभेद के बाद लिया बड़ा फैसला.

टाटा ग्रुप के मुख्य होल्डिंग Tata Sons के चेयरमैन N. Chandrashekar ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह इस्तीफा 12 August 2026 से लागू होगा और वह बोर्ड के साथ चल रहे मतभेदों के चलते अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करने के बाद इस पद पर दोबारा नहीं लौटेंगे। टाटा ग्रुप के इस बड़े फैसले के बाद से शेयर बाजार में भी हलचल देखने को मिली है, जिससे आम निवेशकों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
इस्तीफे की मुख्य वजह और बोर्ड में मतभेद
एन. चंद्रशेखरन ने इसी साल यानी February 2026 में उनके पुनर्नियुक्ति के समय बोर्ड से सर्वसम्मति का समर्थन न मिलने के कारण यह कदम उठाया है। टाटा समूह के विशाल आकार और कई बड़ी रणनीतिक परियोजनाओं को देखते हुए उन्होंने स्पष्ट नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया था। फरवरी की बोर्ड बैठक में उनकी पुनर्नियुक्ति का मामला उस समय टाल दिया गया था जब टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन Noel Tata ने इसका विरोध किया था।
नोएल्स टाटा ने कुछ शर्तें रखी थीं, जिसमें यह बात भी शामिल थी कि टाटा संस को कभी भी शेयर बाजार में लिस्ट नहीं किया जाएगा। चंद्रशेखरन इन शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं थे और इसके अलावा बोर्ड में प्रतिनिधित्व और समूह की रणनीति को लेकर भी आपसी मतभेद सामने आए थे। इन सभी कारणों की वजह से उन्होंने अपने पद को छोड़ने का मन बनाया और कंपनी को अपने फैसले से अवगत कराया।
कंपनी का अगला कार्यकाल और बाजार पर असर
इस्तीफा देने के बावजूद एन. चंद्रशेखरन अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे जो 20 February 2027 को समाप्त होगा। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह इसके बाद दोबारा इस पद के लिए आवेदन नहीं करेंगे। उनका यह ऐलान कंपनी की आगामी वार्षिक आम बैठक 18 August 2026 से ठीक कुछ दिन पहले सामने आया है, जहां शेयरधारकों को निदेशक के रूप में उनकी पुनर्नियुक्ति पर वोट डालना था।
इस खबर के सामने आते ही शेयर बाजार में तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिली। टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनियों जैसे Tata Consultancy Services (TCS) और Tata Motors के शेयरों में 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड से अनुरोध किया है कि वे बिना किसी देरी के नए उत्तराधिकारी की प्रक्रिया शुरू करें ताकि आने वाले समय में काम का सुचारू संचालन बना रहे। टाटा संस की तरफ से अभी तक चेयरमैन के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।