TDS और TCS में आम लोगो के लिए भारी छूट. अब इन लाखो के कमाई पर नहीं लगेगा टैक्स किसी भी रूप में.

Lov Singh10 February 20254 min read0 viewsFinance

केंद्र सरकार ने बजट 2025 में आम जनता को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए टैक्स सिस्टम के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स फ्री कर दिया है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अच्छी खबर है—बैंक और डाकघर जमा पर टीडीएस (Tax Deducted at Source) की सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे उन्हें ज्यादा ब्याज पर भी टैक्स नहीं देना होगा।

ये सभी नए नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे, जिससे आम करदाताओं को सीधे फायदा मिलेगा।


TDS और TCS में बदलाव: अब कम टैक्स कटेगा

सरकार ने TDS (टैक्स कटौती स्रोत पर) और TCS (टैक्स संग्रह स्रोत पर) की सीमा में कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों से आम लोगों के टैक्स कटने की रकम कम होगी और ज्यादा सेविंग्स होगी।

श्रेणी पहले की सीमा नई सीमा
किराया (Rent) ₹2.4 लाख ₹6 लाख
प्रतिभूतियों (Securities) पर ब्याज शून्य ₹10,000
अन्य स्रोतों से ब्याज वरिष्ठ नागरिक: ₹50,000
अन्य: ₹5,000
वरिष्ठ नागरिक: ₹1 लाख
अन्य: ₹10,000
विदेश में पढ़ाई के लिए भेजी रकम (LRS) ₹7 लाख पर 0.5% कोई टैक्स नहीं
विदेश यात्रा या अन्य उद्देश्यों के लिए प्रेषण ₹7 लाख ₹10 लाख
लाभांश (Dividend) ₹5,000 ₹10,000
म्यूचुअल फंड या कंपनियों से आय ₹5,000 ₹10,000
लॉटरी/क्रॉसवर्ड/हॉर्स रेस जीत सालाना ₹10,000 से ऊपर एक लेन-देन में ₹10,000
तकनीकी/प्रोफेशनल सेवाओं के लिए भुगतान ₹30,000 ₹50,000
मुआवजे से अर्जित आय ₹2.5 लाख ₹5 लाख


नए नियमों का असर: किसे मिलेगा फायदा?

  1. किराया देने वालों को राहत:
    जिनका सालाना किराया ₹6 लाख से कम है, अब उन्हें TDS नहीं देना होगा। इससे छोटे किरायेदारों को फायदा होगा।
  2. वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा छूट:
    अब वरिष्ठ नागरिक सालाना ₹1 लाख तक ब्याज कमा सकते हैं बिना टैक्स कटे। पहले यह सीमा ₹50,000 थी।
  3. विदेश जाने वाले छात्रों और यात्रियों को राहत:
    विदेश में पढ़ाई या घूमने के लिए भेजी जाने वाली रकम पर अब ₹10 लाख तक कोई TCS नहीं कटेगा।
  4. फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स के लिए राहत:
    तकनीकी और प्रोफेशनल सेवाओं पर TDS कटने की सीमा ₹50,000 कर दी गई है, जिससे छोटे प्रोफेशनल्स और फ्रीलांसरों को फायदा मिलेगा।

TDS दरें: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए नई गाइडलाइन

सेक्शन भुगतान का प्रकार TDS दर (%)
192 वेतन आय स्लैब दरों के अनुसार
192A ईपीएफ की समयपूर्व निकासी 10% (पैन न देने पर 30%)
193 प्रतिभूतियों पर ब्याज 10%
194 डिविडेंड 10%
194A बैंक/डाकघर के अलावा अर्जित ब्याज 10%
194B लॉटरी, गेम्स, अन्य खेलों से आय 30%
194BB घुड़दौड़ से आय 30%
194D बीमा कमीशन भुगतान कंपनियां: 10%, व्यक्ति: 5%
194DA जीवन बीमा पॉलिसी भुगतान 5%
194E गैर-निवासी खिलाड़ियों को भुगतान 20%
194G लॉटरी टिकट बिक्री पर कमीशन 5%
194H दलाली या कमीशन 5%
194I किराया (प्लांट/मशीनरी) 2%
194I किराया (भूमि, भवन, फर्नीचर) 10%
194IA अचल संपत्ति स्थानांतरण 1%
194J तकनीकी/व्यावसायिक सेवा शुल्क 10% या 2%
194N बैंक/डाकघर से अधिक नकद निकासी 2%
194Q 50 लाख से अधिक वस्तु खरीद 0.1%
206AA पैन न देने पर उच्चतम दर लागू
206AB आईटीआर न दाखिल करने पर दोगुनी दर या न्यूनतम 5%

वरिष्ठ नागरिकों के लिए खास छूट

75 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को टीडीएस में अतिरिक्त छूट दी गई है। बैंक और डाकघर जमा पर ब्याज आय की सीमा भी बढ़ा दी गई है, जिससे उन्हें अधिक ब्याज कमाने पर भी टैक्स नहीं देना होगा।


निष्कर्ष:

बजट 2025 में सरकार ने टैक्सपेयर्स और वरिष्ठ नागरिकों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए इनकम टैक्स और TDS नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों से आपकी सेविंग्स में इजाफा होगा और टैक्स भरने की झंझट भी कम होगी।

1 अप्रैल 2025 से ये नए नियम लागू होंगे, इसलिए अभी से अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग में इन बदलावों को शामिल करें।

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