अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ईरानी-अमेरिकी नागरिक जमशेद घोमी (Jamshid Ghomi) को गिरफ्तार किया है। 63 वर्षीय जमशेद पर आरोप है कि उसने अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाते हुए एक दशक से भी अधिक समय तक ईरान के परमाणु और सैन्य विभागों को प्रतिबंधित अमेरिकी नेटवर्किंग और एन्क्रिप्शन उपकरण सप्लाई किए। इस पूरे खेल को अंजाम देने के लिए उसने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बिचौलियों और मुखौटा कंपनियों का सहारा लिया ताकि वह जांच एजेंसियों की नजरों से बच सके।

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आखिर कैसे और कहां से चलता था यह अवैध कारोबार?

जमशेद घोमी तेहरान स्थित तकनीक कंपनी Faraz Pardaz Rayaneh Co. Ltd. (FPR) का सीईओ है और वह कैलिफोर्निया के न्यूपोर्ट कोस्ट में रहता था। अमेरिकी जांचकर्ताओं के अनुसार, जमशेद ने बिना किसी जरूरी लाइसेंस के पिछले 10 सालों में 15 मिलियन डॉलर (करीब 1.25 अरब रुपये) से अधिक के अमेरिकी उपकरण अवैध रूप से ईरान भेजे। इस काम के लिए उसने नीचे दिए गए तरीकों का इस्तेमाल किया:

  • यूएई (UAE) के बिचौलिए: वह अमेरिकी उपकरणों को पहले यूएई भेजता था ताकि अंतिम गंतव्य के रूप में ईरान का नाम छिपाया जा सके।
  • अंतरराष्ट्रीय मुखौटा कंपनियां: मनी लॉन्ड्रिंग और पैसों के लेन-देन को छिपाने के लिए उसने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, हांगकांग और तुर्की में शेल कंपनियां रजिस्टर्ड कराई थीं।
  • ईरानी लाभार्थी: यह पूरा सामान सीधे तौर पर ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) और रक्षा मंत्रालय को भेजा जा रहा था।

अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की और कितनी मिलेगी सजा?

इस बड़े मामले का खुलासा होने के बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ), एफबीआई (FBI) और आईआरएस (IRS) की टीमों ने मिलकर काम किया। कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच (Todd Blanche) ने घोषणा की कि सरकार जमशेद घोमी की कैलिफोर्निया स्थित 35 मिलियन डॉलर (करीब 290 करोड़ रुपये) की आलीशान कोठी को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है, जिसे अवैध कमाई से खरीदा गया था।

सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए. ईसेनबर्ग ने साफ कहा कि अमेरिकी तकनीक का इस्तेमाल ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट में अगर आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी जमशेद घोमी को अधिकतम 20 साल की जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जमशेद घोमी पर क्या गंभीर आरोप लगे हैं?

जमशेद घोमी पर बिना अमेरिकी सरकार की अनुमति के ईरान के परमाणु और सैन्य संगठनों को 15 मिलियन डॉलर के प्रतिबंधित नेटवर्किंग और एन्क्रिप्शन उपकरण अवैध रूप से सप्लाई करने का आरोप लगा है।

इस अवैध नेटवर्क में यूएई की क्या भूमिका पाई गई?

आरोपी ने अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए यूएई की मुखौटा कंपनियों और बिचौलियों का इस्तेमाल किया, जिसके जरिए अमेरिकी सामान को पहले यूएई और फिर वहां से ईरान भेजा जाता था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com