ईरान की राजधानी तेहरान में अचानक एयर डिफेंस सिस्टम की आवाज़ें सुनाई दीं जिससे शहर में खलबली मच गई। इसी समय ईरान के बड़े सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका और इसराइल को सख्त चेतावनी दी है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि ईरान से जुड़े मिलिशिया ने कुवैत और अन्य खाड़ी देशों के ठिकानों पर भी हमले किए हैं।
तेहरान में एयर डिफेंस की आवाज़ें क्यों सुनाई दीं?
Mehr news agency के मुताबिक 30 अप्रैल 2026 को तेहरान के कुछ इलाकों में एयर डिफेंस की आवाज़ें सुनी गईं। हालांकि शुरुआत में इसकी सही वजह सामने नहीं आई। इससे पहले 23 अप्रैल को भी ऐसी ही गतिविधियां देखी गई थीं, जिसे बाद में ईरान के मीडिया ने एक टेस्ट बताया था। इसराइल ने उन हमलों में अपनी भूमिका से इनकार किया था, लेकिन उनके रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा था कि वे ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार हैं।
ईरान ने अमेरिका और इसराइल को क्या धमकी दी?
ईरान के सैन्य अधिकारियों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। इस मामले में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- Majid Mousavi (एरोस्पेस फोर्स कमांडर): उन्होंने कहा कि अमेरिकी क्षेत्रीय ठिकानों के साथ जो हुआ, वैसा ही अब उनके युद्धपोतों के साथ होगा।
- Shahram Irani (नौसेना प्रमुख): उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान बहुत जल्द एक नया हथियार तैनात करेगा जिससे दुश्मनों का सामना होगा।
- IRGC अधिकारी: उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो ईरान उनके ठिकानों पर लंबे और दर्दनाक हमले करेगा।
कुवैत और अन्य Gulf देशों पर क्या असर हुआ?
इस तनाव का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिख रहा है। ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया ने इराक में अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ 30 अप्रैल को कुवैत और अन्य अरब देशों की सुविधाओं पर भी हमले किए। इसका मकसद अमेरिका पर दबाव बनाना है ताकि वह इस संघर्ष को खत्म करे। वहीं, लेबनान में Hezbollah ने इसराइल की सेना पर ड्रोन हमले किए और दावा किया कि उन्होंने एक Hermes 900 ड्रोन को मार गिराया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तेहरान में एयर डिफेंस की आवाज़ें कब सुनी गईं?
यह घटना 30 अप्रैल 2026 को हुई, जिसकी जानकारी Mehr news agency ने दी। इससे पहले 23 अप्रैल को भी ऐसी ही आवाज़ें सुनी गई थीं।
खाड़ी देशों में किन ठिकानों पर हमले हुए?
ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया ने इराक में अमेरिकी ठिकानों के अलावा कुवैत और अन्य अरब खाड़ी देशों की सुविधाओं को निशाना बनाया।