Tehran Attack Update: तेहरान में हुए हमलों में 32% सैन्य इमारतें तबाह, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में हुआ दावा
ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान में हुए हमलों में 32% सैन्य इमारतें तबाह हुई हैं। इस बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत पटरी से उतर गई है और पूरे इलाके में माहौल काफी गरमाया हुआ है।
🚨: अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बढ़ी, बंदरगाहों की नाकेबंदी पर हुआ बड़ा विवाद, ट्रंप ने लिया कड़ा फैसला।
तेहरान में कितनी इमारतों को नुकसान पहुँचा है?
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया कि तेहरान में तबाह हुई 32% इमारतें सेना की थीं। अगर हम बड़े आंकड़ों को देखें तो तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादिक मोतमादियन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक राजधानी में 12 हजार इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहीं इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के मुताबिक ईरान के 20 प्रांतों में करीब 82 हजार नागरिक इमारतें टूटी हैं, जिससे करीब 1 लाख 80 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। इसराइल ने 30 मार्च को तेहरान में मिसाइल और ड्रोन बनाने वाले ठिकानों और डिफेंस इंडस्ट्री को निशाना बनाया था।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में क्या दिक्कत आई?
पाकिस्तान में चल रही बातचीत अब रुक गई है क्योंकि ईरान ने 22 अप्रैल को इस्लामाबाद जाने से मना कर दिया। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका दबाव बनाना और धमकी देना बंद नहीं करेगा, वे बातचीत नहीं करेंगे। दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान से जुड़ी व्यापारिक कंपनियों और हवाई परिवहन पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को आगे बढ़ाने की बात की थी, लेकिन कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि वे ऐसा नहीं करना चाहते क्योंकि ईरान ने कई बार नियमों को तोड़ा है।
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों की क्या प्रतिक्रिया है?
सऊदी अरब ने कुवैत में अहम ठिकानों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब के डिफेंस सिस्टम ने ईरान के 13 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। सऊदी अरब ने तेहरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर उनके एनर्जी सेक्टर पर हमले जारी रहे तो वे भी पलटकर जवाब देंगे। इस पूरे विवाद से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर बुरा असर पड़ रहा है।