30 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में व्यापक हवाई हमले हुए हैं। सऊदी न्यूज़ 50 की एक रिपोर्ट के अनुसार तेहरान के उत्तर-पश्चिम में स्थित सादाबाद की सरकारी इमारतों को बमबारी का निशाना बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक इजरायली सेना ने तेहरान के कई रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर हमला किया है जिससे वहां काफी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इन हमलों के दौरान ईरान के हथियारों के रिसर्च और प्रोडक्शन केंद्रों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है।

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तेहरान में किन जगहों पर हुए हमले?

तेहरान में हुए इन हमलों में कई महत्वपूर्ण सरकारी और सैन्य संस्थान शामिल हैं। इजरायल की सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान में मिलिट्री टारगेट को निशाना बनाया है। इसमें बैलिस्टिक मिसाइल के कलपुर्जे बनाने वाले केंद्र और मानवरहित विमान यानी UAV के इंजन बनाने वाली फैसिलिटी पर हमले किए गए हैं। इसके अलावा Revolutionary Guards (IRGC) से जुड़ी मिलिट्री इंडस्ट्रीज और इमाम हुसैन यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया है जिसे IRGC का मुख्य शैक्षणिक केंद्र माना जाता है। सादाबाद परिसर में भी पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं और ताजा रिपोर्ट में वहां की सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।

हमलों के बाद वहां की स्थिति क्या है?

इन हमलों का असर तेहरान के बुनियादी ढांचे पर साफ देखा जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल होने की खबरें आई हैं जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। हमलों के बाद के हालातों को इस तरह देखा जा सकता है:

  • तेहरान और अल्बोर्ज प्रांत में बिजली ग्रिड को नुकसान पहुंचने से ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी है।
  • ईरानी विपक्ष के सूत्रों ने दावा किया है कि तेहरान में कई बैंक शाखाओं को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
  • मिसाइल और सैटेलाइट तकनीक से जुड़े रिसर्च सेंटर को काफी क्षति पहुंचने की खबर है।
  • सादाबाद के ऐतिहासिक और सरकारी परिसर में मौजूद इमारतों पर सीधा असर पड़ा है।
  • ईरान इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीज की एक बिल्डिंग पर भी हमले की जानकारी मिली है।

सरकारी मीडिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्रोतों के अनुसार इन हमलों में हथियारों के उत्पादन और रिसर्च से जुड़ी इकाइयों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। शहर के रणनीतिक ठिकानों पर धमाकों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।