22 जुलाई 2026 की सुबह ईरान की राजधानी तेहरान के कई इलाकों में लोगों ने रक्षा प्रणालियों (defense systems) के सक्रिय होने की आवाज़ें सुनीं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने इन खबरों की पुष्टि की है और कहा है कि वह इस मामले की आधिकारिक जांच कर रही है।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य गतिविधियां
यह घटनाक्रम पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य हलचल के बीच सामने आया है। 21 जुलाई 2026 को ईरान के IRGC ने घोषणा की कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे पहले लगातार कई रातों तक ईरान के विभिन्न हिस्सों में अमेरिकी हवाई हमले हुए थे। फारस, होर्मोजगन, ईलम, करमान और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों में भी विस्फोटों की सूचना मिली है।
अमेरिका और अन्य देशों पर असर
अमेरिकी सेना ने 21 जुलाई को लगातार 11वीं रात ईरान के कमांड सेंटरों, मिसाइल लॉन्च साइटों और रक्षा प्रणालियों पर हमले जारी रखे। इसके जवाब में ईरान ने भी कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कुवैत में बिजली स्टेशनों और पानी को साफ करने वाले संयंत्रों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। जॉर्डन की सेना ने भी ईरान की 3 मिसाइलों और 5 ड्रोन्स को मार गिराने का दावा किया है। पेंटागन के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में हुई इन झड़पों में लगभग 100 अमेरिकी सैन्यकर्मी घायल हुए हैं, और 20 जुलाई को एक अमेरिकी सैनिक की मौत भी हो चुकी है।
