तेहरान के उत्तरी हिस्से में 3 अप्रैल 2026 को हुए एक बड़े धमाके ने ईरान की राजधानी को हिलाकर रख दिया है। सऊदी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार यह धमाका ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे सैन्य टकराव का हिस्सा है। इस संघर्ष में तेहरान और Isfahan जैसे मुख्य शहरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है जिससे आम जनजीवन और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

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धमाके के बाद ईरान में क्या हालात हैं और किन जगहों पर हुआ हमला?

अमेरिकी और इसराइली सेना ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर बमबारी की है जिसमें तेहरान के पश्चिमी भाग में स्थित Fardis का रिहायशी इलाका और Karaj शहर का नया पुल शामिल है। इसराइली सेना के प्रवक्ता Nadav Shoshani ने बताया कि उनके 80 IAF लड़ाकू विमानों ने ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमला किया है। प्रधानमंत्री Netanyahu के अनुसार इन हमलों से ईरान की स्टील बनाने की क्षमता बहुत कम हो गई है जिससे उसे हथियार बनाने में काफी दिक्कत आएगी। अमेरिका के Donald Trump ने भी चेतावनी दी है कि वह ईरान के बिजली घरों और पुलों पर हमले जारी रखेंगे।

कुवैत और UAE पर ईरान के हमलों का क्या असर पड़ा?

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर मिसाइलें और ड्रोन भेजे हैं। Kuwait Petroleum Corp ने पुष्टि की है कि ईरानी ड्रोन हमलों के कारण उनकी Mina al-Ahmadi रिफाइनरी में आग लग गई और एक वॉटर प्लांट को नुकसान हुआ। UAE के Ajban क्षेत्र में मिसाइल का मलबा गिरने से 12 लोग घायल हो गए हैं जबकि ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कुवैत पर हुए इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि रिफाइनरी पर हमलों से तेल क्षेत्र पर असर पड़ सकता है।

पिछले एक महीने में हुई प्रमुख सैन्य कार्रवाइयां

तारीख घटना का विवरण
3 अप्रैल 2026 तेहरान में भीषण धमाका और कुवैत की रिफाइनरी पर हमला हुआ
29 मार्च 2026 उत्तरी तेहरान में दो शक्तिशाली विस्फोट दर्ज किए गए
13 मार्च 2026 तेहरान में एक सरकारी रैली के पास धमाका हुआ
7 मार्च 2026 Isfahan और तेहरान में इसराइली हवाई हमले हुए
1 मार्च 2026 ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत के बाद तेहरान के केंद्र पर बड़ा हमला हुआ

ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इन हमलों के बीच अपनी सेना को निर्देश दिया है कि जब तक दूसरे देशों से हमले न हों तब तक वह जवाबी कार्रवाई न करें। वहीं ईरान के खुफिया विभाग ने चेतावनी दी है कि जो लोग हमलों की वीडियो बनाकर विदेशी मीडिया को भेजेंगे उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।