तेहरान में WHO दफ्तर के पास जोरदार धमाके, ईरान ने दी अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी
तेहरान में पिछले दो दिनों से जारी हमलों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दफ्तर के पास के इलाकों को निशाना बनाया गया है। WHO प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस ने जानकारी दी है कि इन धमाकों की वजह से दफ्तर की खिड़कियां टूट गई हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। इजरायली सेना (IDF) ने तेहरान में सरकारी बुनियादी ढांचे पर हमले करने की पुष्टि की है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
ईरान और इजरायल के बीच ताजा हालात क्या हैं?
इजरायली सेना ने 31 मार्च 2026 को तेहरान में कई सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले पूरे करने का दावा किया है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए इन हमलों के साथ-साथ ईरान की जवाबी कार्रवाई पर दुख जताया है। उन्होंने सभी पक्षों से युद्ध रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) परमाणु केंद्रों के पास हुई घटनाओं की बारीकी से जांच कर रही है, हालांकि अभी तक किसी भी तरह के रेडिएशन के बढ़ने के संकेत नहीं मिले हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई में किन कंपनियों पर है खतरा?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन हमलों के विरोध में एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि 1 अप्रैल से क्षेत्र में काम कर रही बड़ी अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाया जाएगा। इस चेतावनी से खाड़ी देशों में व्यापार करने वाली कंपनियों में हड़कंप मच गया है।
| प्रभावित होने वाली कंपनियां | संबंधित क्षेत्र |
|---|---|
| Microsoft, Google, Apple | आईटी और टेक्नोलॉजी |
| Intel, IBM, Tesla | चिप मेकिंग और ऑटोमोबाइल |
| Boeing | एयरोस्पेस और विमानन |
खाड़ी क्षेत्र और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
तनाव का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे गल्फ रीजन पर पड़ रहा है। तेहरान ने फारस की खाड़ी में तेल से लदे एक कुवैती टैंकर पर भी हमला किया है, जिससे समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह खबर अहम है क्योंकि तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों और उड़ानों पर सीधा असर पड़ सकता है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देश फिलहाल इस विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक कोशिशों में जुटे हुए हैं।




