मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और यह युद्ध अब गंभीर रूप ले चुका है। 12 मार्च 2026 की सुबह Tel Aviv के आसमान में कई बड़े धमाके देखे गए। हिजबुल्लाह और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया है। इस दौरान 150 से ज्यादा रॉकेट दागे गए, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया।

Tel Aviv पर हुए हमले में क्या हुआ?

हमले की शुरुआत 12 मार्च की सुबह हुई जब 7:11 और 7:18 बजे पूरे इलाके में सायरन बजने लगे। इजरायली सेना ने बताया कि कम से कम 4 जगहों पर मिसाइल गिरने की खबर है।

हिजबुल्लाह का कहना है कि उन्होंने Tel Aviv के पास मौजूद Glilot इंटेलिजेंस बेस को खास तौर पर निशाना बनाया है। इस काम में ईरान की सेना ने भी उनका साथ दिया है। ईरान ने रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय सहित कई रणनीतिक ठिकानों पर हमले की जिम्मेदारी ली है।

इससे पहले 2 मार्च को भी इस इलाके में हमले हुए थे। उस समय Tel Aviv और उसके आस-पास 90 लोग घायल हुए थे और एक आम नागरिक की जान भी चली गई थी। शहर के कई हिस्सों में आग भी लग गई थी।

युद्ध से आम लोगों को कितना नुकसान हो रहा है?

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच यह सैन्य अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। ईरान का कहना है कि इस संघर्ष में अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

इसके अलावा ईरान में लगभग 20,000 इमारतों को नुकसान पहुंचा है। लेबनान में भी हालात बहुत खराब हैं और करीब 7 लाख लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हो गए हैं।

इजरायल ने लेबनान में 250 से अधिक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 50 लोगों की जान गई है और 330 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। Strait of Hormuz में तीन कमर्शियल जहाजों को भी मिसाइलों से नुकसान पहुंचा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.