Telegram ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी और सुरक्षा नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब कंपनी उन यूज़र्स की जानकारी कानूनी अधिकारियों के साथ साझा करेगी, जिन पर आपराधिक गतिविधियों का शक होगा। यह कदम ऐप के मालिक और CEO Pavel Durov की फ्रांस में गिरफ्तारी के बाद उठाया गया है।
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प्राइवेसी पॉलिसी में क्या बदला
सितंबर 2024 में आए नए नियमों के मुताबिक, अब Telegram कानूनी आदेश मिलने पर संदिग्ध यूज़र्स का IP एड्रेस और फोन नंबर न्यायिक अधिकारियों को देगा। पहले यह सुविधा सिर्फ आतंकी संदिग्धों के मामले में थी, लेकिन अब इसे अन्य आपराधिक गतिविधियों तक बढ़ा दिया गया है। कंपनी इन जानकारियों का ब्योरा हर तीन महीने में एक रिपोर्ट के जरिए जारी करेगी।
कंटेंट और सर्च पर लगाम
Pavel Durov ने ऐलान किया है कि सर्च फीचर से अब गैर-कानूनी कंटेंट को हटा दिया जाएगा। इसके लिए एक स्पेशल मॉडरेटर टीम बनाई गई है। यूज़र्स अब @SearchReport बॉट के जरिए गलत या गैर-कानूनी सामग्री की रिपोर्ट कर सकेंगे।
सुरक्षा और नए फीचर्स की जानकारी
- सुरक्षा अपडेट: जुलाई 2024 में Android ऐप के वर्जन 10.14.5 में एक बड़ी खामी को ठीक किया गया, जिससे हमलावर वीडियो के नाम पर खतरनाक फाइलें नहीं भेज पाएंगे।
- थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन: जनवरी 2025 से एक नया वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू हुआ है, जिससे फर्जी अकाउंट और स्कैम कम होंगे। अब भरोसेमंद सेवाओं के जरिए यूज़र की पहचान होगी और नाम के पास खास लोगो दिखेगा।
- वर्जन 12.5 अपडेट: मार्च 2026 के अपडेट में प्राइवेट चैट से कंटेंट शेयरिंग बंद करने का विकल्प, ग्रुप चैट में मेंबर्स टैग और GIF के लिए कैप्शन जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं।
इन सख्त नियमों की वजह से अब कई साइबर अपराधी Telegram छोड़कर Signal जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स पर जा रहे हैं।
