अगर आप Telegram इस्तेमाल करते हैं, तो आपने लॉगइन करते समय 5 अंकों का कोड देखा होगा, जैसे 35625. यह कोड आपके अकाउंट की सुरक्षा के लिए भेजा जाता है ताकि कोई और आपका अकाउंट न खोल सके. इस कोड के काम करने के तरीके को समझना आपके लिए बहुत जरूरी है.
कैसे मिलता है यह वेरिफिकेशन कोड
Telegram का यह कोड आमतौर पर आपके ऐप के अंदर ‘Verification Codes’ वाली चैट में आता है. यह तरीका SMS के मुकाबले ज्यादा तेज और सुरक्षित माना जाता है. हालांकि, कुछ मामलों में यह कोड SMS या ईमेल के जरिए भी भेजा जाता है.
सुरक्षा के लिए जरूरी बातें
- कोड शेयर न करें: टेलीग्राम के ये कोड एन्क्रिप्टेड होते हैं और इन्हें किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए.
- अनजान कोड को नजरअंदाज करें: अगर आपको बिना मांगे कोई कोड मिला है, तो इसका मतलब है कि कोई आपका नंबर डाल रहा है. ऐसे में इसे इग्नोर करें या रिपोर्ट करें.
- टू-स्टेप वेरिफिकेशन: अकाउंट को और सुरक्षित बनाने के लिए टेलीग्राम टू-स्टेप वेरिफिकेशन पासवर्ड सेट करने की सलाह देता है.
यह पूरी सर्विस Telegram FZ-LLC द्वारा संचालित है, जिसके सीईओ Pavel Durov हैं. एसएमएस के जरिए कोड भेजने में आपके मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर की भूमिका होती है.
