लेबनान में जारी लड़ाई को लेकर दुनिया भर के 10 देशों ने गहरी चिंता जताई है। कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और स्विट्जरलैंड समेत कई देशों ने एक साझा बयान जारी कर मांग की है कि वहां तुरंत युद्ध रुकना चाहिए। इन देशों का कहना है कि आम लोगों और वहां के बुनियादी ढांचे को बचाना अब सबसे जरूरी हो गया है।
किन देशों ने की लड़ाई रोकने की मांग और क्यों?
कनाडा, यूके और स्विट्जरलैंड के साथ सात अन्य देशों ने इस संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए हैं। इन देशों ने लेबनान में बिगड़ती मानवीय स्थिति और लोगों के विस्थापन के संकट पर चिंता जताई। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब लेबनान में हथियारों को चुप होना होगा ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
बयान में किन खास बातों पर जोर दिया गया है?
इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने की अपील की है। इस मांग के पीछे मुख्य उद्देश्य ये हैं:
- इंसानी गरिमा को बनाए रखना
- आम नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करना
- मानवीय सहायता के काम को आसान बनाना
- नागरिक बुनियादी ढांचे को हमलों से बचाना
अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच हुए समझौते का क्या असर होगा?
हाल ही में अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनी थी। इन 10 देशों ने इस समझौते का स्वागत किया है। हालांकि, उनका मानना है कि लेबनान में शांति तब तक नहीं आएगी जब तक वहां भी लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं होती। उन्होंने जोर दिया कि केवल कुछ देशों की सहमति काफी नहीं है, बल्कि लेबनान में भी शांति जरूरी है।
