ईरान के दक्षिणी हिस्सों में 17 जुलाई 2026 को कई बड़े धमाके सुने गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि यह उनके द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों का लगातार सातवां दिन था। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और बुनियादी ढांचे को कमजोर करना बताया गया है।
🚨: ईरान पर अमेरिका का लगातार छठा हमला, सैन्य ठिकानों के बाद अब इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाया निशाना।
किन शहरों को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाके Serik, Ahvaz, Bushehr और Bandar Abbas जैसे शहरों में हुए। ईरान की सरकारी मीडिया IRNA ने अहवाज़ में धमाकों की पुष्टि की है, जहाँ स्थानीय अधिकारियों ने इसे दुश्मन का हमला बताया है। इन हमलों में पुल, संचार नेटवर्क, रेलवे स्टेशन और नौसैनिक सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा किया गया है, जिससे काफी नुकसान हुआ है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
इस स्थिति के जवाब में ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने दावा किया है कि उन्होंने कुवैत में मौजूद अमेरिकी मिसाइल बैटरियों को अपने ड्रोन से निशाना बनाया है। साथ ही, बहरीन में स्थित अमेरिकी बेस पर भी मिसाइलें दागी गई हैं। फ़ारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही और अमेरिकी बलों द्वारा की जा रही समुद्री जांच के बीच इलाके में तनाव चरम पर है।
