मोदी सरकार ने नए जीएसटी सुधारों को आधिकारिक अधिसूचना के ज़रिए लागू कर दिया है। ये बदलाव 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल ने 4 सितंबर को जीएसटी रेट में कटौती और ढांचे में बदलाव का फैसला लिया था।

नई अधिसूचना 28 जून 2017 की पुरानी अधिसूचना को रद्द करती है। अब राज्यों को भी इसे लागू करना होगा, क्योंकि जीएसटी से होने वाली कमाई केंद्र और राज्यों में बराबर बंटती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से उद्योग जगत को अपने ERP सिस्टम, प्राइसिंग और सप्लाई चेन को अपडेट करना होगा ताकि उपभोक्ताओं तक लाभ पहुँच सके।

4 सितंबर को घोषित सुधारों में सैकड़ों वस्तुओं पर टैक्स घटाया गया था जिनमें साबुन से लेकर छोटी कारें शामिल हैं। इसके साथ ही टैक्स स्लैब को सरल कर दिया गया है। पहले चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) थे, जिन्हें घटाकर अब केवल दो स्लैब (5% और 18%) कर दिया गया है। इसके अलावा, तंबाकू और लग्ज़री सामानों पर नया 40% टैक्स स्लैब लाया गया है और कंपनसेशन सेस पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब उद्योग जगत को ज़िम्मेदारी लेनी होगी और नए रेट्स का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाना होगा।

EY इंडिया के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में और सुधार हो सकते हैं। जैसे, बिजली, एविएशन टर्बाइन फ्यूल और प्राकृतिक गैस को भी जीएसटी के दायरे में लाना, ताकि टैक्स सिस्टम और अधिक एकीकृत और प्रभावी बन सके।

Vandana Upadhyay

4 वर्ष तक देश के बड़े अखबारी प्रकाशनो में काम करने के उपरांत मैं अब GulfHindi में अपनी सेवा दे रही हूँ। उम्मीद हैं मेरी लेखनी आप सब को खबरों से सही और सटीक रूबरू कराएगी.