मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच बड़ी ऊर्जा कंपनी TotalEnergies ने एक कड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कतर, इराक और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के समुद्री इलाकों में अपना तेल और गैस उत्पादन रोक दिया है। सऊदी न्यूज 50 की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह फैसला इन क्षेत्रों में बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच अचानक लिया गया है। इस रोक के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई और कीमतों पर भारी असर देखने को मिल रहा है।

किन जगहों पर बंद हुआ काम और क्या है वजह?

कतर में ड्रोन हमलों के कारण हालात काफी खराब हुए हैं। इसके बाद TotalEnergies और Shell ने कतर से LNG सप्लाई पर ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) लागू कर दिया है, जिससे वे अपने ग्राहकों को सप्लाई देने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य नहीं रहेंगे।

इराक में भी सुरक्षा कारणों और बसरा के पास टैंकरों पर हुए हालिया हमलों के चलते कंपनी ने अपना काम रोक दिया है। सुरक्षा का माहौल न होने की वजह से यह फैसला लिया गया है।

इसके अलावा UAE के समुद्री (Offshore) इलाकों में भी सुरक्षा को देखते हुए एहतियात के तौर पर काम रोक दिया गया है। कंपनी ने साफ किया है कि यह कदम कर्मचारियों और साइट की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

तेल की कीमतों और आम लोगों पर सीधा असर

उत्पादन रुकने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। जलमार्गों पर रोक के कारण तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।

  • अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक खाड़ी देशों में तेल उत्पादन में लगभग 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कमी दर्ज की गई है।
  • इस अस्थिरता को देखते हुए UAE सरकार ने मार्च 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा कर दिया है, जिसका सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ेगा।
  • बाजार की घबराहट को शांत करने के लिए अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों ने अपने इमरजेंसी रिजर्व से 400 मिलियन बैरल तेल निकालने का फैसला किया है।

लीबिया में 11 साल बाद दोबारा शुरू हुआ उत्पादन

एक तरफ जहां कई खाड़ी देशों में काम बंद हुआ है, वहीं लीबिया से एक राहत भरी खबर भी आई है। TotalEnergies के MENA डायरेक्टर जूलियन पौगेट ने बताया कि कंपनी मिडिल ईस्ट में अपनी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता बनाए हुए है।

लीबिया के मबरुक ऑयल फील्ड में 11 साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा उत्पादन शुरू कर दिया गया है। यहां काम पूरी तरह से ठप पड़ा था लेकिन अब इसे फिर से चालू कर दिया गया है।

कंपनी ने इस ऑयल फील्ड से प्रतिदिन 25,000 बैरल तेल निकालने का लक्ष्य रखा है। इससे वैश्विक तेल बाजार को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।