दुबई के Ain Dubai में Trend Micro ने अपने नए बिजनेस TrendAI™ की शुरुआत की है. इसका मकसद कंपनियों में इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को साइबर खतरों से बचाना है. यह कदम UAE के डिजिटल बदलाव और AI लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाने के लिए उठाया गया है.

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TrendAI क्या है और क्यों आया

Trend Micro ने 23 मार्च 2026 को अपने एंटरप्राइज साइबर सुरक्षा बिजनेस का नाम बदलकर TrendAI™ कर दिया. कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे कंपनियां अपने कामकाज में AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं, वैसे-वैसे सुरक्षा के तरीकों को भी बदलना होगा. TrendAI अब कंपनियों को AI आधारित बिजनेस पहचान सुरक्षित रखने में मदद करेगा.

Trend Micro की CEO Eva Chen ने बताया कि सुरक्षा को उसी रफ़्तार से बदलना होगा जिस रफ़्तार से तकनीक बदल रही है. वहीं Rachel Jin ने कहा कि अब सुरक्षा का तरीका केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि AI सिस्टम के इरादों को समझना और उन पर नियंत्रण रखना होगा.

Trend Micro के साउथ गल्फ मैनेजिंग डायरेक्टर Salah Suleiman ने GISEC मार्च 2026 के दौरान कहा कि कंपनी अब केवल बचाव नहीं करेगी, बल्कि खतरों को पहले से पहचानकर उनसे निपटने की तैयारी रखेगी.

AI सुरक्षा के मुख्य तरीके

TrendAI™ ने AI सुरक्षा के लिए चार मुख्य बातें तय की हैं:

  • AI के इस्तेमाल पर पूरी नज़र रखना.
  • बातचीत के पीछे के इरादे और संदर्भ को समझना.
  • AI एजेंटों के कामों पर पॉलिसी और नियंत्रण लागू करना.
  • ज़रूरी फैसलों के समय इंसानी निगरानी रखना.

कंपनी ने इससे पहले अगस्त 2025 में दुबई में Trend Cybertron भी लॉन्च किया था, जो खतरों को रोकने वाला पहला स्पेशलाइज्ड LLM है. इसके अलावा, मई 2026 में एक ‘Inception Program’ शुरू किया गया ताकि AI सॉल्यूशन बनाने वालों को सुरक्षित सिस्टम बनाने में मदद मिले.

TrendAI™ अपने Vision One प्लेटफॉर्म के ज़रिए क्लाउड और नेटवर्क की सुरक्षा करता है. कंपनी ने AI रिस्क को मैनेज करने के लिए Anthropic के साथ भी हाथ मिलाया है.