अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर खाड़ी देशों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते को तभी अंतिम रूप दिया जाएगा जब सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान जैसे देश ‘अब्राहम अकॉर्ड’ (Abraham Accords) पर दस्तखत करेंगे। ट्रंप ने इसे एक जरूरी शर्त बताया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में इजरायल के साथ संबंध सामान्य हो सकें और शांति स्थापित की जा सके।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या शर्तें रखी हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ डील फाइनल होने के बाद कई देशों के लिए अब्राहम अकॉर्ड पर हस्ताक्षर करना mandatory यानी अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन का नाम लिया है। ट्रंप का कहना है कि सऊदी अरब और कतर को इस हस्ताक्षर अभियान की अगुवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जो देश इसके लिए तैयार नहीं होंगे, उन्हें ईरान के साथ इस बड़ी डील का हिस्सा नहीं माना जाएगा।

ईरान और अमेरिकी अधिकारियों का इस पर क्या रुख है?

इस पूरे मामले पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ समझौता अभी बहुत करीब नहीं है, हालांकि बातचीत में काफी प्रगति हुई है। ईरान ने अमेरिकी वादों की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है और कहा है कि क्या अमेरिका समझौते का पूरी तरह पालन करेगा। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि फिलहाल एक मजबूत प्रस्ताव मेज पर है और राष्ट्रपति ट्रंप कोई भी कमजोर या खराब समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। दोहा में इस समय ईरान की रोकी गई संपत्तियों को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा चल रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अब्राहम अकॉर्ड (Abraham Accords) क्या है और ट्रंप इसके लिए क्यों जोर दे रहे हैं?

अब्राहम अकॉर्ड इजरायल और खाड़ी देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने का एक ऐतिहासिक समझौता है। डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ईरान के साथ होने वाली किसी भी डील को मजबूत बनाने के लिए अन्य प्रमुख मुस्लिम देशों का इस समझौते में शामिल होना बहुत जरूरी है।

इस नए प्रस्ताव पर ईरान की क्या प्रतिक्रिया आई है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि समझौता अभी पूरी तरह से फाइनल नहीं हुआ है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका की प्रतिबद्धता और उसके वादों पर संदेह व्यक्त किया है, क्योंकि अमेरिका पहले भी समझौतों से पीछे हट चुका है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com